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कैसा रहे… जब खराब परफॉर्मेंस पर कलीग को थप्‍पड़ मारने का मौका मिल जाए

कलीग को थप्‍पड़

कलीग को थप्‍पड़ – अकसर किसी ना किसी वजह से ऑफिस में बॉस की झाड़ सहनी ही पड़ती है।

कभी ऑफिस देर आने पर डांट पड़ गई तो कभी खराब परफॉर्मेंस का नाम देकर।

आपने भी अब तक यही सुना और देखा होगा कि किसी भी कंपनी में खराब परफॉर्म करने पर इंप्‍लॉयीज़ को टर्मिनेट कर दिया गया हो लेकिन इस दुनिया में एक ऐसी अनोखी कंपनी भी है जहां इंप्‍लॉयीज़ की खराब परफॉर्मेंस को लेकर कुछ अलग ही नियम है।

चीन की ब्‍यूटी एंड स्किन प्रॉडक्‍ट बनाने वाली कंपनी ननचॉन्‍ग रिन्‍हुआयुआन मेए नाम की कंपनी में खराब परफॉर्मेंस करने वाले कलीग को थप्‍पड़ मारते हैं।

जी हां, आपने बिलकुल सही सुना है।

दोस्‍तों कई बार कलीग्‍स की कुछ इरिटेटिंग हरकतों की वजह से मन करता है कि उनके मुंह पर एक जोरदार तमाचा जड़ दें लेकिन ऐसा करना संभव कहां लेकिन चीन के इस ऑफिस में आप अपना ऐसा अरमान पूरा कर सकते हैं।

इस कपंनी ने पिछले साल के अंत में एक कार्यक्रम रखा था जिसका एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कई महिला कर्मचारी एक-दूसरे कलीग को थप्‍पड़ मार रही हैं। वे ऐसा तब तक करती हैं जब तक उन्‍हें बॉस ना रोके। इस कार्यक्रम का किसी ने वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया।

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद कंपनी के प्रवक्‍ता का कहना है कि ये प्रोग्राम साल के अंत में सिर्फ एक बार आयोजित होता है और इससे इंप्‍लॉयीज़ में टीम स्प्रिट की भावना पैदा होती है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्‍लेटफॉर्म पर इस वीडियो को वायरल होने के बाद से अब तक 60 लाख लोग देख चुके हैं। हालांकि, लोगों ने कमेंट करके बॉस को धूर्त और बेवकूफ बताया है।

कलीग को थप्‍पड़

अगर आपके साथ ऐसा हो तो कलीग को थप्‍पड़ मारना आपको कैसा लगेगा.

जाहिर सी बात है कि ये हर क इंप्‍लॉयी को बुरा लगेगा कि खराब परफॉर्म करने पर उसे इस तरह से सबके सामने बेइज्‍जत किया जाए। एक बहुत सीधी सी बात है कि हम ऑफिस काम करने जाते हैं और हमारे काम के हमें पैसे मिलते हैं। ना तो हम मुफ्त में काम करने जाते हैं और ना ही कोई हमें मुफ्त में पैसे देने का जिगरा रखता है तो फिर वर्कप्‍लेस पर इस तरह बेइज्‍जत करने का क्‍या मतलब है ?

कलीग को थप्‍पड़ मारना – दोस्‍तों, ऑफिस हो या अन्‍य कोई जगह हमे अपने आत्‍मसम्‍मान के साथ काम करना चाहिए और ऐसे लोगों के विरूद्ध आवाज़ उठानी चाहिए जो अपने इंप्‍लायीज़ को नौकर समझते हैं। चलो ये मान लेते हैं कि कभी-कभी इंप्‍लॉयीज़ का प्रदर्शन खराब होता है और वो टारगेूट को पूरा कर पाने में असमर्थ होते हैं लेकिन ये कहां की बात हुई कि इंप्‍लॉयीज़ को इस वजह से थप्‍पड़ ही मार दिया जाए और बॉस की चालाकी तो देखिए खुद पर कोई बात ना आए इसलिए अपने इंप्‍लॉयीज़ को थप्‍पड़ भी एक-दूसरे से पड़वा रहा है। वाकई में बॉस काफी चालाक है।

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