ENG | HINDI

जब अंडरवियर में टिश्यूज़ रखकर सचिन को करनी पड़ी थी बैटिंग !

अंडरवियर में टिश्‍यूज़

अंडरवियर में टिश्‍यूज़ – भारत में क्रिकेट प्रेम किसी धर्म से कम नहीं है और इस देश में क्रिकेट के हज़ारों, करोड़ों नहीं बल्कि अनगिनत फैंस हैं।

क्रिकेट से जुड़ी खबरों के बारे में जानने के लिए हर कोई उत्‍सुक रहता है और आज हम आपको क्रिकेट से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके बारे में आपको अब तक पता नहीं होगा।

खेल के मैदान में रनों, ड्रेसिंग रूम में होने वाली गपशप और क्रिकेटर्स की बायोग्राफी के अलावा और भी बहुत कुछ होता है जिसे जानने में आपको वाकई में बहुत मज़ा आएगा।

आज हम आपको देश के दिग्‍गज क्रिकेटर्स के कुछ अनसुने किस्‍सों के बारे में बताने जा रहे हैं।

सचिन तेंदुलकर जैसा लेजेंट बनने में बहुत मेहनत की जरूरत पड़ती है और सचिन भी यूं ही नहीं आज इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। अपनी बायोग्राफी में सचिन तेंदुलकर अपने अपनी जिंदगी का एक बेहद शर्मनाक किस्‍सा शेयर किया है। सचिन ने बताया कि देश के लिए खेलते हुए उन्‍हें भी एक बार बड़ी शर्मनाक स्थिति से गुज़रना पड़ा था।

साल 2003 में आईसीसी वर्ल्‍ड कप के दौरान श्रीलंका के खिलाफ मैच खेलते हुए सचिन का पेट खराब हो गया था और इस वजह से उन्‍हें अपने अंडरवियर में टिश्‍यूज़ रखकर बैटिंग करनी पड़ी थी।

सचिन ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि इस घटना का जिक्र करते हुए मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही है।

इस मैच की शाम को मेरा पेट खराब हो गया और मैं डिहाइड्रेट महसूस कर रहा था। पाकिस्‍तान से मैच के दौरान मुझे चोट आ गई थी और इसी वजह से दवाओं के असर के कारण मेरा पेट खराब हो गया। इससे निपटने के लिए मैंने कई तरह के ड्रिंक्‍स लिए और एनर्जी ड्रिंक्‍स में एक चम्‍मच नमक भी डाल लिया था। इससे मेरा पेट ठीक होता लेकिन मैच शुरु होने तक भी जब तबियत ठीक नहीं हुई तो मुझे अपने अंडरवियर में टिश्‍यूज़ रखकर खेलना पड़ा। इस दौरान एक ड्रिंक ब्रेक में मैं वॉशरूम भी गया और मैच के बीच में भी मैं बहुत असहज महसूस कर रहा था।

इसके अलावा सुनील गावस्‍कर के साथ भी बड़ा ही मज़ेदार किस्‍सा हुआ था। पैदा होते ही सुनील की जिंदगी पूरी तरह से बदल सकती थी लेकिन उनके चाचा ने उन्‍हें बचा लिया। दरअसल, जब जन्‍म के बाद गावस्‍कर अस्‍पताल में थे तब उनके चाचा उनसे मिलने आए और उन्‍होंने तब सुनील के कान पर एक बर्थ मार्क देखा था। जब अगले दिन वो सुनील से मिलने गए तो उन्‍हें वो बर्थ मार्क नहीं दिखाई दिया। तब पूरे अस्‍पताल में नए जन्‍मे बच्‍चों को चेक किया गया और गावस्‍कर एक मछुआरे की पत्‍नी के पास सोते हुए मिले। नर्स ने गलती से बच्‍चे पलट दिए थे।

अगर उस‍ दिन गावस्‍कर के चाचा ना होते तो शायद भारत के दिग्‍गज क्रिकेटरों में शुमार सुनील गावस्‍कर आज एक मछुआरे होते और उन्‍हें इतनी शोहरत और सक्‍सेस ना मिली होती।

वैसे मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर का अंडरवियर में टिश्‍यूज़ का किस्‍सा सुनकर तो लगता है कि इतना पैसा और सक्‍सेस पाने के लिए वाकई में कितनी मेहनत करनी पड़ती है।

Don't Miss! random posts ..