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पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर करने वाले जांबाज वायुसेना अफसर के जीवन से जुड़े कुछ रोचक किस्से

ऑफिसर अर्जन सिंह

ऑफिसर अर्जन सिंह – देश के पहले एयर-चीफ-मार्शल होने का गौरव हांसिल करने वाले अर्जन सिंह इंडियन एयर फोर्स में पांच सितारा रैंक हांसिल करने वाले अफसर थे। सिर्फ 19 साल की उम्र में ही पायलट ट्रेनिंग के लिए अर्जन सिंह का सलेक्शन हो गया था और 44 साल की उम्र में ये वायुसेना के पहले एयर-चीफ-मार्शल बन गए थे। 1965 में जो भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था उसमें अर्जन सिंह ने ही भारतीय वायुसेना की कमान संभाली थी और एयर फोर्स ही थी जिसने पाकिस्तान को ध्वस्त कर दिया था।

आइए जानते हैं भारतीय वायुसेना के इस जांबाज ऑफिसर अर्जन सिंह से जुड़े कुछ रोचक तथ्य।

अर्जन सिंह का जन्म 14 अप्रेल 1919 को पंजाब प्रांत के फैसलाबाद में पाकिस्तान में हुआ। रॉयल एयर फोर्स कॉलेज से इन्होंने अपनी पढ़ाई की थी। अर्जन सिंह के बारे में कई किस्से मशहूर है। वे अंग्रेजों के जमाने के पायलट हुआ करते थे उस दौरान उनके बारे में चार किस्से मशहूर है।

ऑफिसर अर्जन सिंह

पहला किस्सा- कोर्ट मार्शल

सेना अनुशासन के लिए मशहूर है और यदि कोई कानून तोड़ता है तो उसका कोर्ट मार्शल किया जाता है। बात 1945 की है जब केरल के कन्नूर कैंट में अर्जन सिंह तैनात थे। तब उन्होंने रात के समय अपने एक  ट्रेनी पायलट के साथ उड़ान भरी। लेकिन वे बहुत ही नीचे उड़ान भर रहे थे आवाज सुनकर लोग विमान देखने के लिए घरों से बाहर निकल आए। यह बात अंग्रेजों के पास शिकायत के रुप में पहुंची लेकिन ऑफिसर अर्जन सिंह एक अनुभवी पायलट थे जो अपने काम में पूरी तरह माहिर थे। इसलिए अंग्रेज चाहकर भी उनका कोर्ट मार्शल नहीं कर पाए। अर्जन सिंह ने दलील दी की वे ट्रेनी पायलट का हौसला बढ़ाने के लिए नीचे प्लेन उड़ा रहे थे।

दूसरा किस्सा- भारत-पाकिस्तान युद्ध

पाकिस्तान ने 1965 में कश्मीर को हड़पने के लिए जो युद्ध लड़ा था उसमें अर्जन सिंह ने भारतीय वायुसेना की कमान संभाली और महज 26 मिनट में भारतीय विमान पाकिस्तान पर हमला करने के लिए उड़ान भर चुके थे। अर्जन सिंह को हमेशा यह मलाल रहा की वे युद्ध विराम के कारण पाकिस्तान को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाए। वे खुद पाकिस्तान पर बम बरसाना चाहते थे लेकिन एयर-चीफ-मार्शल होने के कारण भारत सरकार ने उन्हें ऐसा करने की ईज़ाजत नहीं दी।

तीसरा किस्सा- वायुसेना के लिए बनाया फंड

ऑफिसर अर्जन सिंह ने अपने खेत और जमीन बेचकर उससे मिले हुए पैसों से एक फंड बनाया। ये फंड उनकी निज़ी जिंदगी की भलाई से जुड़ा हुआ एक उदाहरण है। अर्जन सिंह दिल के बहुत अच्छे थे वे इतने दयालु और उदार थे कि रिटायर्ड वायु सैनिकों के परिवार के लिए बनाए फंड में उन्होंने अपना सारा पैसा दान कर दिया। अर्जन सिंह ने फंड में पैसा जुटाने के लिए अपनी सारी जमीन बेच दी थी।

ऑफिसर अर्जन सिंह

चौथा किस्सा- पूर्व राष्ट्रपति को दी सलामी

ऑफिसर अर्जन सिंह पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के साथ भेंट करने के कारण चर्चा में आए थे। अर्जन सिंह के लिए प्रति सम्मान जताने के लिए डॉक्टर कलाम ने भी अपना सिर झुका लिया था। जब कलाम का निधन हुआ तो अर्जन सिंह की तबीयत भी ठीक नहीं थी लेकिन फिर भी वे उनके अंतिम दर्शन के लिए आए और उन्हें सलामी दी। उस वक्त उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खासी चर्चित हुई थी।

ऑफिसर अर्जन सिंह

ऐसे तो ऑफिसर अर्जन सिंह के जीवन के हजारों किस्से मशहूर है। देश के लिए जीवन भर समर्पित रहने वाले अर्जन सिंह का पिछले साल सितंबर महीने में निधन हो गया था।  अर्जन सिंह के काम पर उनकी मजबूत पकड़ और उनके जीवन में भरा साहस, निडरता और दयालुता उन्हें देश भर के युवकों के सामने एक मिशाल के तौर पर पेश करती है और यहीं कारण है अर्जन सिंह का नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा।

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