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दुनिया को योग सिखाने वाले बाब रामदेव अब दूध बेचने पर हुए मजबूर!

योगगुरु बाब रामदेव

योगगुरु बाब रामदेव – कभी दुनिया भर के लोगों को योग के ज़रिए स्वस्थ रहने की सलाह देने वाले बाबा रामदेव कुछ सालों से पक्के बिज़नेसमैन बन गए हैं और अब तो वो दूध भी बचे रहे हैं.

आखिर ऐसा क्या हो गया कि योग छोड़कर योगगुरु बाब रामदेव ने दूध बेचना शुरू कर दिया?

दरअसल, योगगुरु बाब रामदेव का मन अब लोगों को योग सिखाने से ज़्यादा अपने बिज़नेस को फैलाने में है. स्वदेशी के नाम पर बाबा रामदेव ने अपने प्रोडक्ट्स को बेचने में कामयाब रही, वो नमक, हल्दी से लेकर बिस्किट, तेल-साबुन सब बेचते हैं और अब तो बाबा डेयरी बिज़नेस में भी कूद पड़े हैं. उनका कहना है कि उनकी कंपनी पतंजलि लोगों को सस्ता दूध उपलब्ध कराएगी. पिछले गुरुवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में रामदेव ने घोषणा की थी कि उनकी कंपनी दिल्ली-एनसीआर से दूध और दूध से बने उत्पादों की बिक्री शुरू कर रही है. बाबा के लॉन्च प्रोग्राम में दूध, दही, पनीर, छाछ, मक्खन जैसे खाद्य पदार्थ शामिल थे.

पतंजलि डेयरी कारोबार में उतरने की बात 2016 से ही कर रही थी.

रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ‘हम अपने खाद्य उत्पादों को 50 प्रतिशत सस्ता रखते हैं. पतंजलि का गाय का दूध भी बाजार में उपलब्ध दूसरे दूध की तुलना में सस्ता है.’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘हम इसे 40 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बेच रहे हैं, जबकि बाजार में मूल्य 42 रुपये प्रति लीटर है. पतंजलि जनता को बढ़ती महंगाई से कुछ राहत दिलाएगी.’

रामदेव का कहना है कि उनके दूध के बिज़नेस से किसान सीधे तौर पर जुड़े हैं इसकी वजह से दूसरी डेयरी कंपनियों की तुलना में उनसे ज्यादा फायदा मिलेगा. पतंजलि ने किसानों के लिए पशु चारा और सोलर पैनल भी लॉन्च किया है. बाबा रामदेव शुरू से ही देश में विदेशी कंपनियों का विरोध कर रहे हैं इसलिए उन्होंने अपनी कंपनी में सारे स्वदेशी सामान बनाएं और उनका कारोबार बड़ी तेजी से फैला भी. अब दूध के कारोबार  उतरने से जाहिर है बाकि कंपनियों को टक्कर मिलेगी, क्योंकि योगगुरु बाब रामदेव का दूध सस्ता है तो ग्राहक आकर्षित होंगे ही, हालांकि क्वालिटी कैसी इस बारे में अभी कुछ निश्चित तौर पर नही कहा जा सकता.

भारत में दूध की जितनी खपत है उतना उत्पादन नहीं हो पाता इतना ही नहीं हाल ही में एनीमल वेलफेयर बोर्ड ने दूध को लेकर ऐसी बातें बताई हैं,जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे. बोर्ड के मुताबिक देश में बिकने वाला 68.7 फीसदी दूध और दूध से बना प्रोडक्ट मिलावटी है. यह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की ओर से तय मानकों से कहीं भी मेल नहीं खाता है.

भारत जैसे देश में जहां लोग मिलावटी दूध पीने को मजबूर है वो भी महंगी कीमतों पर, ऐसे में यदि सचमुच योगगुरु बाब रामदेव लोगों को सस्ते में अच्छा दूध देते हैं तो लोगों के लिए ये बहुत बड़ी राहत की खबर है और वो मिलावटी दूध पीने से होने वाली बीमारियों से भी बच जाएंगे.

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