ENG | HINDI

इस मस्जिद में लोग क़ुरान के साथ वेद भी पढ़ते है !

मस्जिद में क़ुरान के साथ वेद

मस्जिद में क़ुरान के साथ वेद – क्या कभी आप सोच सकते हैं कि मुस्लिम अपने धर्म के बदले या कहें तो अपने धर्म के सतह ही किसी और धर्म को वरीयता दे सकते हैं? आपके मन में और दिमाग में बस यही आएगा कि ऐसा बिलकुल भी नहीं ही सकता.

मुस्लिम एक ऐसी कौम है जो किसी को भी नहीं अपना सकती. वो चाहे तो किसी दूसरे धर्म के लोगों को इस्लाम कबूल करवा ले लेकिन ये कहिये कि वो दूसरों के धर्म को स्वीकार कर ले तो ऐसा हो नहीं सकता.

पहले भी यही था और अब भी यही है.

मस्जिद में क़ुरान के साथ वेद

इसीलिए तो दंगा होता है. अगरे प्यार से हर धर्म वाले रहें तो इस दुनिया में कोई भी आतंकी संगठन न बने. कोई किसी को मारे नहीं. खैर आज हम आपको इस दुनिया से जुदा एक चीज़ बताने जा रहे हैं.

एक ऐसी चीज़ जिसपर आपको विश्वास करने में थोडा टाइम लगेगा लेकिन आप कर लेंगे. असल में आज हम आपको एक ऐसी मस्जिद के बारे में बताएंगे जहाँ न केवल कुरआन पढ़ी जाती है बल्कि उसके सतह और भी धर्मों की किताबें पढ़ी जाती हैं.

मस्जिद में क़ुरान के साथ वेद

Contest Win Phone

हैरान मत होइए जनाब ये बिलकुल सच है. ये कहानी है पूर्वी छोर की. जी हाँ असम की कहानी है ये. ये वहीँ की एक मस्जिद की दास्तान हैं. आप सबको ज़रूर पढ़ना चाहिए और अगर कभी समय मिले तो जाना भी ज़रूर चाहिए. ये एक ऐसी मस्जिद है जहाँ सभी धर्मों के ग्रंथों को रखा गया है. यहाँ लोग जब आते हैं तो सच में प्यारा ही लेकर जाते हैं. मस्जिद में क़ुरान के साथ वेद पढ़ा जाता है.

ये मंदिर है आसाम के काचर जिले में. इसे लोग जमा मस्जिद कहते हैं. आप यहाँ जाएंगे तो आप्कोजाने भर से ऐसी अनुभूति मिलेगी की जैसे आपको लगेगा आप कहीं और आ गए हैं. असल में इस मस्जिद की दूसरी मंजिल पर करीब दर्ज़न भर आलमारियां हैं. इसमें सभी धर्मों से जुडी करीब ३०० किताबें हैं. बस, बात इतनी है कि ये सभी बंगला भाषा में हैं. मस्जिद के अंदर आपको कोई ऐसी जगह नहीं मिलेगी जहाँ आप इन किताबों को पढ़ सकें. लेकिन हैरानी ये है कि वहां के मौलाना खुद ये किताबें पढ़ते पढ़ते हैं और लोगों को सुनाते हैं. इससे हर धर्म के लोग हर धर्म के बारे में जान सकते हैं.

मस्जिद में क़ुरान के साथ वेद

वहां के मौलवियों का कहना है कि ये बहुत ही बढ़िया है. जब हम किसी किताब को पढ़ते हैं तो लोग ध्यान लगाकर सुनते हैं. ऐसे में ये और भी प्रभावी हो जाता है. वैसे भी सबका मालिक एक है. तो किस तरह का अलगाव. किस तरह का विभाजन.

यहाँ के लोगों का कहना है कि भारत बहुत ही प्राचीन देश है. यहाँ के लोगों को भरमाकर आपस में लड़ाई करवाई जा रही है. ये उचित नहीं है. इस तरह की बातों को ख़त्म कर देना चहिये. यहाँ के लोगों की ही तरह देश के बाकी हिस्सों के लोगों को आपस में बैर नहीं रखना चाहिए.

मस्जिद में क़ुरान के साथ वेद – हम तो यही कहेंगे कि अगर आपके पास समय है तो आप असम ज़रूर जाएं. प्राकृतिक दृष्टि से भी ये बहुत ही उम्दा जगह है. यहाँ आपको एक ऐसा सुकून मिलेगा जो शायद और कहीं नहीं मिलेगा. यहाँ पर शांति मिलेगी आपको. यहाँ जाने के बाद इस मस्जिद में जाना न भूलें.

Contest Win Phone
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...

Don't Miss! random posts ..