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भारत के इस राज्‍य में कल्कि के रूप में अवतार लेंगें भगवान विष्‍णु

कल्कि अवतार

कल्कि अवतार – भागवद् गीता में श्रीकृष्‍ण ने कहा है कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म और पाप का बोलबाला होता है, तब-तब धर्म की स्‍थापना के लिए वह अवतार लेते हैं।

भगवान विष्‍णु ने श्रीकृष्‍ण के रूप में धरती पर आठवां अवतार लिया था।

शास्‍त्रों में विष्‍णु जी के दस अवतारों का उल्‍लेख मिलता है। इनमें से अब तक वे नौ अवतार तो ले चुके हैं लेकिन कलियुग में भगवान का अंतिम अवतार होना अभी बाकी है। श्रीमद्भागवत पुराण के बारहवें स्‍कंद में लिखा है कि भगवान का कल्कि अवतार कलियुग के अंत और सतयुग के संधिकाल में होगा। शास्‍त्रों की मानें तो भगवान राम और श्रीकृष्‍ण का अवतार भी अपने-अपने युग के अंत में हुआ था इसलिए जब कलियुग का अंत निकट आ जाएगा तब भगवान कल्कि जन्‍म लेंगें।

श्रीमद्भागवत गीता, स्‍कंद पुराण और कल्कि पुराण में इस बात का उल्‍लेख किया गया है कि भगवात का आखिरी अवतार उत्तर प्रदेश में गंगा और रामगंगा के बीच बसे मुरादाबाद के संभल ग्राम में होगा। शास्‍त्रों की मानें तो इस गांव में 68 तीर्थों का वास है और शायद इसी वजह से इस गांव को चुना गया है। पुराणों में लिखे गए श्‍लोकों से ज्ञात होता है कि कल्कि भगवान का जन्‍म संभल ग्राम में विष्‍णुयश नाम के भगवान विष्‍णु के भक्‍त के घर में होगा।

बौद्ध धर्म में कल्कि को भगवान विष्‍णु का अवतार नहीं माना गया है। उसमें य‍ह बताया गया है कि भविष्‍य में संभल में कल्कि नाम का एक राजा होगा जो अधर्म का नाश कर लोगों को सत्‍य से अवगत कराकर धर्म का राज्‍य स्‍थापित करेगा और इस तरह अधर्म पर धर्म और सत्‍य की जीत होगी।

गुरु गोविंद सिंह ने श्रीदशम नामक ग्रंथ में लिखा है कि भविष्‍य में भगवान का कल्कि अवतार जरूर होगा और उनका यह अवतार कश्‍मीर में बिशन दत्त नाम के एक ब्राह्मण के घर होता है। इसमें यह भी बताया गया है कि केवल 12 साल की उम्र में ही इनकी शादी त्रिकोता नाम की कन्‍या से होगी।

कल्कि अवतार के बारे में दक्षिण भारतीय ज्‍योतिषों का कहना है कि इनके जन्‍म के समय चंद्रमा धनिष्‍ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में होगा। सूर्य तुला राशि में स्‍वाति नक्षत्र में होगा और गुरु स्‍वराशि धनु में और शनि अपनी उच्‍च राशि तुला में होगा।

प्राचीन समय की बात करें तो उस समय सभी सत्‍य और धर्म को मानने वाले हुआ करते थे और भगवान ने भी ईमानदार और सत्‍यवचन बोलने वाले व्‍यक्‍तियों के घर जन्‍म लिया था लेकिन सोचने वाली बात तो ये है कि कलियुग में तो हर कोई झूठ, पाप और अधर्म में लिप्‍त है तो फिर ऐसे में कल्कि भगवान किसके घर और क्‍यों जन्‍म लेंगें।

क्‍या कलियुग में भगवान का अवतार भी किसी अधर्मी के घर होगा। कई सालों से कल्कि अवतार की बात कही जा रही है और ये भी बताया जाता है कि जल्‍द ही कलियुग का अंत होने वाला है किंतु अभी तक तो ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

हम तो बस इंतज़ार कर सकते हैं कि कल्कि भगवान कब इस धरती के उद्धार के लिए जन्‍म लेंगें।

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