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भारतीय क्रिकेट इतिहास के 10 यादगार लम्हे, कोई नहीं भूला पाया

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भारतीय क्रिकेट इतिहास के यादगार लम्हें – क्रिकेट के मैदान में हमेशा नए-नए रिकॉर्ड बनते रहते हैं, मगर कुछ लम्हें और रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जो इतिहास बन जाते हैं और जो फैंस के दिलों में हमेशा ताजा रहते हैं.

क्रिकेट के कुछ यादगार लम्हों को कोई भुला नहीं पाता है. आज चलिए हम आपको बताते हैं भारतीय क्रिकेट इतिहास के कुछ ऐसे ही ऐतिहासिक लम्हों के बारे में जो सभी क्रिकेट फैंस को याद होंगे.

1 – धोनी की कप्तानी में जब टीम इंडिया ने इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी तो खेल प्रेमियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा था. इस टूर्नामेंट में रविन्द्र जडेजा,शिखर धवन और रोहित शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया था.

2 – 2007 टी-20 वर्ल्डकप में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए मैच में युवराज सिंह ने 1 ओवर में 6 छक्के लगाकर इतिहास रच दिया था. युवराज के वो छक्के आज भी खेल प्रेमियों को याद है. इंग्लैंड के बेहतरीन बॉलर स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर की हर गेंद पर छक्का मारना कोई मामूली बात नहीं थी.

3 – 2007 में टीम इंडिया जब वनडे वर्ल्डकप से बाहर हुई तो फैंस का दिल टूट गया, लेकिन उसी साल हुए पहले टी-20 वर्ल्डकप को जीतना टीम इंडिया ने खेल प्रेमियों को शानदार तोहफा दिया.

4 – भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2001 में हुई टेस्ट सीरीज के दौरान ईडन गार्डन में वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की यादगार ने पार्टनरशिप में 376 रन बनाए थे. रनों का ये पहाड़ खेल प्रेमियों को हमेशा याद रहेगा. शायद आपको याद होगा इस टेस्ट में फॉलोऑन खेलने के बावजूद टीम इंडिया जीत गई थी.

5 – सौरव गांगुली की टी-शर्ट उतार कर हवा में लहराने वाला सीन भला कोई भूल सकता है. 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी में इंग्लैंड को हराने के बाद कप्तान सौरव गांगुली ने ड्रेसिंग रूम से टी-शर्ट लहराकर अपनी खुशी जताई थी.

6 – 1983 के बाद जब टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 28 साल बाद जब वर्ल्ड कप जीता तो खिलाड़ियों के साथ ही फैंस की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

7 – वनडे मैच में डबल सेंचुरी मारना बहुत मुश्किल काम है, लेकिन रोहित शर्मा ने 3 डबल सेंचुरी मारकर इतिहास रच दिया. साथ ही वो एक मैच में अकेले 264 रन भी बना चुके हैं.

8 – कपिल देव की कप्तानी में 1983 में जब भारत ने पहला वर्ल्डकप जीता था तो लोगों के लिए किसी सपने जैसा था, क्योंकि भारत ने उस दौर की सबसे मज़बूत टीम वेस्टइंडीज को हराकर विश्वकप पर कब्जा किया था.

9 – शारजाह का टूर्नामेंट 90 के दशक में बहुत लोकप्रिय था. 1998 में सचिन के शानदार प्रदर्शन ने दुनिया को हैरान करके रख दिया. शेन वार्न भी सचिन के खेल से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंन कहा, सचिन उनके सपने में आकर छक्के-चौके लगाते हैं.

10 – 2008 के कॉमनवेल्थ सीरीज में धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उसकी ही जमीन पर हराकर रिकॉर्ड बनाया था.

भारतीय क्रिकेट इतिहास के यादगार लम्हें – वैसे तो आगे भी क्रिकेट में कई रिकॉर्ड बनते रहेंगे, मगर क्रिकेट प्रेमियों के लिए ये ऐतिहासक पल हमेशा यादगार रहेंगे, क्योंकि इन पलों ने उन्हें सच्ची खुशी दी है.

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