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डूब सकता है 10 साल के अंदर समुद्र में आधा बैंकॉक, ये देश भी हें खतरे में

बैंकॉक

बैंकॉक… सबसे छोटे शहरों में शुमार लेकिन चकाचौंध और अर्थव्यवस्था में बड़े-बड़े देशों को टक्कर दे देता है।

बैंकाक, थाईलैंड की राजधानी है और इसकी गिनती डेवलप सिटी में होती है। सिंगापुर की ही तरह यह टूरिस्टों के घूमने के लिए सबसे पसंदीदा शहरों में से एक है। कहा जाता है कि रात के समय यहां जो लाइटिंग होती है वह देखने लायत होती है।
लेकिन अफसोस की बात है कि अब यह लाइटिंग नहीं देख पाएंगे।

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दस साल के बाद

दस साल के बाद बैंकक की शायद यह लाइटिंग टूरिस्ट नहीं देख पाएंगे शायद। इसलिए नहीं कि वहां की लाइट बुझा दी जाएगी…बल्कि 10 साल के अंदर बैंकॉक समुद्र में डूब जाएगा। ऐसी संभावना है कि 10 साल के अंदर आधा बैंकॉक समुद्र में डूब सकता है। ऐसा जलवायु में होने वाले परिवर्तन के कारण है। जलवायु में जिस तरह से परिवर्तन हो रहा है और समुद्र में पानी का स्तर बढ़ रहा है तो उसे देखकर लगता है कि दस साल के अंदर आधे बैंकॉक को समुद्र अपने पानी में ले लेगा।

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जलवायु परिवर्तन की मेजबानी में कहा गया

जलवायु परिवर्तन पर बातचीत की मेजबानी के लिए तैयार बैंकाक खुद को पर्यावरण संकट से बचाने के लिए जूझ रहा है। गौरतलब है कि मौसम से जुड़ी एक गंभीर चेतावनी में कहा गया है कि यह शहर महज एक दशक में आंशिक रूप से पानी में डूब जाएगा।

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हुई बैठक

थाईलैंड की राजधानी में संयुक्त राष्ट्र के अगले जलवायु सम्मेलन की तैयारी के लिए बैठक हुई। इस बैठक में बढ़ते तापमान पर चिंता जताई गई है और मौसम के असामान्य पैटर्न के समय के साथ और बदतर होने की आशंका जतायी गयी है। इससे सरकारों पर 2015 की पेरिस जलवायु संधि को अमली जामा पहनाने का दबाव और बढ़ गया है।

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समुद्र से पांच फुट की ऊंचाई पर स्थित

बैंकॉक की स्थापना दलदली जमीन पर हुई थी। उस समय थाईलैंड के राजशाही ने अपनी राजधानी समुद्र किनारे की उपजाऊ जमीन पर राझदानी बसाने की सोची थी और दलदली जमीन पर बैंकॉक की स्थापना की थी। दलदली जमीन पर बसा बैंकाक समुद्र स्तर से महज डेढ़ मीटर यानी पांच फुट की ऊंचाई पर स्थित है और इसी वजह से समुद्र का जल स्तर बढ़ने से इस शहर को सबसे अधिक खतरा बताया जा रहा है।

इसके अलावा जकार्ता और मनीला जैसे दक्षिण एशियाई शहरों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. ग्रीनपीस के तारा बुआकामसरी ने कहा, “विश्व बैंक की रपट के मुताबिक भारी बारिश, मौसम के पैटर्न में बदलाव के कारण 2030 तक बैंकाक का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जलमग्न हो जाएगा। वर्तमान में राजधानी हर वर्ष एक से दो सेंटीमीटर डूब रहा है और निकट भविष्य में भीषण बाढ़ का खतरा है”। थाईलैंड की खाड़ी के निकट के समुद्र चार मिलीमीटर प्रतिवर्ष की दर से ऊपर उठ रहे हैं।

2011 में समुद्र में डूब गया था शहर का पांचवा हिस्सा

बैंकॉक अपने डूबने का खतरनाक मंजर 2011 में देख चुका है। जब उस साल दशकों बाद बहुत अति की बारिश आई थी। उस बारिश के कारण राजधानी में पानी इकट्ठा हो गया था और शहर का पांचवा हिस्सा डूब गया था। जानकारों के अनुसार, शहरीकरण और तटीय क्षेत्रों का खिसकना आगे बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। वहां पहले कुछ नहरें मौजूद थीं, जिनपर अब सड़क बना दी गई है, जिससे पानी निकलने की जगह ही नहीं बची। उन नहरों की वजह से इसे कभी ‘ईस्ट का वेनिस’ कहा जाता था।

ईस्ट के वेनिस पर खतरा मंडरा रहा है जिसका अगर कोई उपाय नहीं निकाला गया तो यह पूरी दुनिया की तबाही की शुरुआत होगी।

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