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बीजेपी के एमएलए ने कहा – लडकियाँ बनाती हैं ब्वॉयफ्रेंड इसलिए उन पर होता है अत्याचार !

लडकियाँ बनाती हैं ब्वॉयफ्रेंड

लडकियाँ बनाती हैं ब्वॉयफ्रेंड – मध्यप्रदेश में क्या हो रहा है या फिर नेताओं को ही किसी ने खुली छूट दे दी है कि आप लड़कियों को कुछ भी बोल सकते हैं।

लग तो ऐसा ही रहा है। तभी तो नेता आए दिन कुछ बी बोलकर चले जाते हैं।

लड़कियां अगर हों गाय की तरह हों नहीं तो फिर उनका पैदा होना बेकार। यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि हमारे नेता आए दिन ऐसे बयां दे देते हैं कि हमें फील होने लगती है कि यह क्या है…? हमें कोई भी कुछ भी बोलकर चले जाएगा। कोई हमें ब्वॉयफैंड ना बनाने की सलाह दे रहा है तो कोई लड़कियों के कपड़े उतरवाकर जबरदस्ती तलाशी ले रहा है।

मध्यप्रदेश में आखिर ये क्या हो रहा है या फिर नेताओं को ही किसी ने खुली छूट दे दी है कि अब वो जो चाहे आप लड़कियों को कुछ भी बोल सकते हैं। लडकियाँ बनाती हैं ब्वॉयफ्रेंड – इनके बयानों को सुनकर तो ऐसा ही लगता है उन्हें लड़कियों को कुछ भी बोलने की खुली छूट दी है।

अब जब वहां के नेता ही ऐसे हैं तो आप समझ सकते हैं कि वहां लड़कियां कैसे सेफ रहेंगी।

वहां के इन दो मामलों के बारे में जानकर तो ऐसा ही लगता है। वहां के एक कॉलेज के टॉयलेट में सेनेटरी पैड दिखने पर वार्डन ने छात्राओं के कपड़े उतरवा लिए तो वहां के एक एमएलए लड़कियों को अत्याचार से बचने के लिए ब्वॉयफैंड ना बनाने की सलाह दे रहे हैं।

लडकियाँ बनाती हैं ब्वॉयफ्रेंड

लडकियाँ बनाती हैं ब्वॉयफ्रेंड

इसका मतलब है कि गलती से आपसे कहीं सेनेटरी पैड गिर जाता है तो ये जांच करने के लिए कि किसका सेनेटरी पैड है…? सभी लड़कियों की तलाशी ले ली जाएगी की किसके पीरियड हो रहे हैं और वो भी कपड़े उतरवाकर। वहीं अगर आपका ब्वॉयफैंड है तो आप खुद पर अत्याचार होने की शिकायत नहीं कर सकतीं।

आइए डालते हैं क्या हैं ये दो मामले?

पहला मामला: लड़कियों के उतरवाए कपड़े

मध्य प्रदेश के एक विश्वविद्यालय ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। इस विश्वविद्यालय ने लड़कियों के सामने एक तरह से यह उदाहरण रखा कि समाज उनके साथ कितना असंवेदनशील हो सकता है।

मिली खबरों के अनुसार यहां के विश्वविद्यालय के अंदर स्थित हॉस्टल में टॉयलेट में गंदगी मिलने पर वार्डन ने छात्राओं के कपड़े उतरवा दिए। ये पूरा मामला सागर में स्थित डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय का है जहां टॉयलेट के अंदर सेनेटरी पैड और गंदगी पाई गई थी। जिसके बाद हॉस्टल वार्डन ने छात्राओं के कपड़े उतरवाए और जांच कराया। इस घटना के बाद से यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया है। हॉस्टल की सभी छात्राओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति से हॉस्टल वार्डन की कम्पलेन की है।

रहती हैं 40 छात्राएं

इस हॉस्टल में कुल 40 छात्राएं रहती हैं। ये मामला बीते दिनों का है। दरअसल हॉस्टल के टॉयलेट में सेनेटरी पैड और ब्लट स्पॉट देखे गए थे। जिसके बाद वार्डन ने छात्राओं से पूछा, किसने ये गंदगी फैलाई है। किसी भी छात्रा ने इस बारे में नहीं बताया। तो वार्डन ने जांच करने के लिए छात्राओं के कपड़े उतरवा दिए।

पहले भी दिख चुके हैं ऐसे मामले

ऐसे मामले पहले भी दिख चुके हैं। कुछ दिनों पहले यूपी के मुजफ्फरनगर में वार्डन ने गंदगी करने की सजा देने के लिए छात्राओं के कपड़े उतरवाए थे। स्कूल का शौचालय बंद होने के बाद भी वहां पर गंदगी होने पर वार्डन ने छात्राओं के कपड़े उतरवाकर कारण जानना चाहा था।
अब इन मामलों से तो यही मालूम चलता है कि अपने देश में लड़कियों के कपड़े उतवाना कोई बड़ी बात नहीं है।

दूसरा मामला: अगर बनाओगी ब्वॉयफ्रेंड तो सहना पड़ेगा अत्याचार

मध्यप्रदेश में लड़कियों की इतनी आसानी से कपड़े उतरवाने की बात इतनी आसान इसलिए लगती हैं क्योंकि वहीं के सरकार के एमएलए खुले आम बोलते हैं कि लड़कियां अगर ब्वॉयफ्रैंड बनाएंगी तो अत्याचार सहेंगी ही।

मतलब ‘No Boyfreind’ तो ‘No अत्याचार’

मध्य प्रदेश के गुना में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य ने महिलाओं को अत्याचार से बचने के लिए ब्वॉयफैंड ना बनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अत्याचार रोकने हैं तो लड़कियों को बॉयफ्रेंड बनाने बंद कर देने चाहिए।
इसी के साथ उन्होंने लड़कियों को सलाह दी है कि स्मार्टफोन का दुरुपयोग ना करते हुए इसका सदुपयोग करें।

नेता जी ने कहा – लडकियाँ बनाती हैं ब्वॉयफ्रेंड –  क्या है ये? अगर सच में ऐसा है तो उन लड़कियों के साथ अत्याचार क्यों अत्याचार होता है जिनका ब्वॉयफैंड नहीं होता है?

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