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क्या आप जानते हैं फोन में लोकेशन ऑफ करने के बाद भी गूगल रखता है आप पर नज़र?

गूगल रखता है आप पर नज़र

गूगल रखता है आप पर नज़र – तकनीक ने हमारी ज़िंदगी जितनी आसान बना दी है, उतना ही उसे असुरक्षित भी बना दिया है.

गूगल के सहारे हम अपनी हर समस्या का समाधान ढूंढ़ते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये गूगल ही आपको मुसीबत में भी डाल सकता है. अपनी प्राइवेसी का ख्याल रखने के लिए जब आब लोकेशन हिस्ट्री बंद कर देते हैं, तब भी गूगल रखता है आप पर नज़र, है न ये खतरनाक?

कुछ समय पहले फेसबुक पर यूजर्स के डेटा लीक करने का आरोप लगा और इसकी वजह से कंपनी को काफी नुकसान भी हो चुका है और अब कुछ ऐसा ही गूगल भी कर रही है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब आप अपनी लोकेशन हिस्ट्री ऑफ कर देते हैं, उसके बावजूद गूगल को आपकी लोकेशन की खबर पड़ जाती है, लेकिन कैसे?

एपी इन्वेस्टिगेशन की रिपोर्ट में बताया गया है कि गूगल की कई ऐसी अलग-अलग सेवाएं हैं जिससे गूगल, आईफोन या एंड्रॉयड फोन की गतिविधियों पर लोकेशन हिस्ट्री सेटिंग ऑफ करने के बाद भी यूजर का पता लगा लेता है.

जब आप गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं, तो गूगल आपसे आपके आईफोन या एंड्रॉयड फोन के लोकेशन डाटा की परमिशन मांगता है. जब आप इसके लिए परमिशन दे देते हैं, तो वह आपके सही लोकेशन हिस्ट्री को रिकॉर्ड कर लेता है. यह लोकेशन हिस्ट्री टाइमलाइन के रूप में रिकॉर्ड होता चला जाता है, जिससे आप यह देख पाते हैं कि हर दिन आप कहां-कहां गए.

गूगल सपोर्ट पेज पर लोकेशन को मैनेज करने के लिए गूगल आपको कभी भी लोकेशन हिस्ट्री को ऑफ या ऑन करने की अनुमति देता है. ज़्यादातर यूजर यह समझते हैं कि लोकेशन हिस्ट्री ऑफ करने पर अगर आप कहीं जाते हैं तो आगे वो स्जगह टाइमलाइन में रिकॉर्ड नहीं होती हैं, लेकिन जो इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक ये सच नहीं है.

दरअसल, एपी ने यह रिसर्च तब शुरू की, जब यूसी बार्कले में एक ग्रेजुएट रिसर्च को उनके एंड्रॉयड फोन पर हाल की ट्रैवलिंग को लेकर रेंटिंग देने संबंधी नोटिफिकेशन आया, वह भी तब, जब उन्होंने लोकेशन हिस्ट्री को ऑफ कर रखा था. इसका मतलब यह हुआ कि चाहे आप लोकेशन हिस्ट्री ऑफ क्यों न कर दें, तब भी गूगल आपकी परमिशन के बिना आपके लोकेशन डाटा को स्टोर करता है.

इस मामले में गूगल का कहना है कि कंपनी के पास कई तरीके हैं जिससे वह लोगों के अनुभव को और बेहतर करने के लिए लोकेशन का इस्तेमाल कर सकती है. इसमें लोकेशन हिस्ट्री, वेब और एप की गतिविधियां और डिवाइस के स्तर से लोकेशन सर्विस भी शामिल हैं. हम यूजर को इन टूल्स के बारे में साफतौर पर जानकारी देते हैं और मजबूत कंट्रोल भी देते हैं ताकि वो कभी भी अपनी हिस्ट्री को डिलीट कर सकें. साथ ही गूगल का कहना है कि यूजर वेब और एप एक्टीविटी सेटिंग से एक साथ आईफोन या एंड्रॉयड फोन पर लोकेशन सर्विस को रोक सकते हैं. यह सेटिंग अपने आप ऑन हो जाते हैं और आपके गूगल अकाउंट से जुड़े एप और सर्विसेस को कंट्रोल करते हैं.

इस तरह से गूगल रखता है आप पर नज़र – एक आम यूज़र को इतनी ज़्यादा तकनीकी चीज़ें समझ नहीं आती, लेकिन ये बात यदि सच है कि आपकी इजाज़त के बिना भी गूगल आपकी लोकेशन पर नज़र रख रहा है तो निश्चय ही ये सही नहीं है और ये ग्राहक की निजता का भी उल्लंघन है.

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