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एक रिश्ता, जिसे प्यार का नाम नहीं दिया जा सकता पर वो दोस्ती से ज्यादा है

रिश्ता

रिश्ता – ‘प्यार दोस्ती हैं, अगर वो मेरी सबसे अच्छी दोस्त नहीं बन सकती तो मैं उससे कभी प्यार कर ही नहीं सकता’ फिल्म कुछ-कुछ होता है का ये डायलॉग तो आप सभी को याद होगा लेकिन अगर असल में देखा जाए तो प्यार, दोस्ती से काफी अलग है। प्यार में दोस्ती हो सकती हैं लेकिन प्यार को दोस्ती का नाम नहीं दिया जा सकता।

प्यार का दायरा दोस्ती से कही बड़ा होता है और प्यार का रंग दोस्ती के रंग से गहरा ही चढ़ता है। वैसे प्यार और दोस्ती के बीच एक रिश्ता और होता है जिसे कोई नाम नहीं दिया जा सकता। हां, इसे दिल का रिश्ता ज़रूर कहा जा सकता है। ये रिश्ता,जो प्यार से थोड़ा कम होता है लेकिन दोस्ती से थोड़ा ज्यादा होता है।

रिश्ता

दिल से बना ये रिश्ता हमें किसी दूसरे इंसान के दिल से जोड़ देता है लेकिन कईं वजहों से हम उसे प्यार का नाम नहीं दे पाते और कईं बार असल में ये प्यार होता भी नहीं है। इस रिश्ते को भले ही कोई नाम ना दिया जा सके लेकिन इस रिश्ते के वजूद को नकारा नहीं जा सकता और ना ही इसे सही और गलत के तराजू पर तोला जा सकता है।

रिश्ता

कईं बार किसी और के साथ प्यार के खूबसूरत रिश्ते में बंधे होने के बाद भी हम किसी इंसान के साथ दिल के इस रिश्ते को महसूस करने लगते हैं। मन के इस भावनात्मक बंधन में बंधकर इंसान, उस इंसान की तरफ खिंचा चला जाता है जिसके साथ वो ये जुड़व महसूस करता है। चाहे उस इंसान की ज़िदंगी में सब कुछ परफेक्ट हो लेकिन फिर भी कही ना कही एक ऐसा खालीपन ज़रूर होता है जो सिर्फ उस इंसान के साथ ही भरता है। ऐसा लगता है मानो एक वो ही है जो ज़िदंगी को पूरा करता है। इस इमोशनल इंगेजमेंट की कईं वजहें हो सकती हैं, ये वजह सबके लिए अलग होती हैं और अपनी वजह सबको ठीक ही लगती है।

रिश्ता

भागदौड़ से भरी इस ज़िदंगी में कईं बार हम किसी ऐसे इंसान से टकराते हैं जिससे मिलकर हम अपनी सारी थकान भुला देते हैं, मुश्किल से भरे पलों में भी हम जिसके साथ मिलकर मुस्कुरा लेते हैं, जिसके बस ‘सब ठीक हो जाएगा’ कह देने भर से हमें सब कुछ ठीक महसूस होने लगता है, जिससे बातें कर के सब कुछ अच्छा लगने लगता है लेकिन फिर भी हम इस रिश्ते को प्यार का नाम नहीं दे पाते और जब इसे दोस्ती कहते हैं तो भी दिल नहीं मानता है।

रिश्ता

हम सभी की ज़िदंगी के किसी ना किसी मोड़ पर हम ऐसे किसी शख्स से टकराते हैं जिससे हम ऐसा जुड़ाव महसूस करते हैं, प्यार से कम और दोस्ती से ज्यादा जज्बात लिए इस खूबसूरत से रिश्ते को क्या नाम दें, ये तो हम नहीं समझ पाते लेकिन इस रिश्ते से दूर जाने के लिए भी हमारा मन नहीं मानता है।

अगर आपकी भी ज़िदंगी में कभी कोई ऐसा रिश्ता रहा है तो इस स्टोरी को शेयर कीजिए।

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