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पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर के बेटे ने अंडर-19 में ना चुने जाने की वजह से लगाया मौत को गले

मोहम्मद जारयाद

मोहम्मद जारयाद – हर क्रिकेट खिलाडी का सपना होता है कि वो अपने देश के लिए क्रिकेट खेले और विश्व कप जीते.

जिसके लिए सभी खिलाड़ियों को अंडर-19 विश्व कप से होते हुए जाना पड़ता है लेकिन अंडर-19 का सलेक्शन भी बेहद आसान नहीं होता. चयनकर्ता कई कडी परीक्षाओ के बाद ही खिलाडियों को टीम में जगह देते हैं. इसी कारण ये मौका हर खिलाडी को नहीं मिलता, कुछ ऐसा ही पूर्व पाकिस्तानी अंतर्राष्ट्री क्रिकेटर आमिर हनीफ के बेटे मोहम्मद जारयाद के साथ हुआ.

मोहम्म्द हनीफ के बड़े बेटे थे, उसने पाकिस्तानी अंडर-19 टीम में चयन ना होने के कारण उन्होंने मौत को गले लगा लिया. जाहिर सी बात है कि पिता के अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी होने के कारण जारयाब पर कहीं ना कहीं प्रैशर तो रहा ही होगा लेकिन इतना भी क्या की अपनी जिंदगी ही खत्म कर ली जाए.

मोहम्मद जारयाद कॉलेज छात्र थे और अपने पहले वर्ष की पढाई पूरी ही करने वाले थे कि उन्होंने आत्महत्या कर ली.

चुने ना जाने के कारण थे उदास

पाकिस्तान के जियो न्यूज ने हनीफ के हवाले से बताया कि उम्र के आधार पर उनके बेटे मोहम्मद जारयाद का अंडर-19 में चयन नहीं हुआ, जिसके कारण वह उदास था. रिपोर्ट्स के अनुसार जारयाब लाहौर में अंडर-19 टूर्नामेंट में कराची की ओर से खेलने वाले थे लेकिन चोटिल होने के कारण उन्हें वापस घर भेज दिया गया. जारयाब ने वापस जाने से इनकार कर दिया लेकिन उसे भरोसा दिलाया गया कि टीम में उसका चयन हो जाएगा. यह सुनकर जारयाब ना चाहते हुए भी वापस घर लौट गए. हालांकि बाद में उम्र ज्यादा होने के कारण उनको टीम में नही चुना गया और किए गए वादे से मुंह फेर लिया गया.

 

कोच को ठहराया जा रहा है असली कातिल

बेटे मोहम्मद जारयाद की मौत के बाद हनीफ ने कहा “मेरे बेटे की मौत का कारण देश का अंडर-19 क्रिकेट क्‍लब है जहां देख-रेख करने वाले लोग और कोच ने मेरे बेटे को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया था”. उन्होंने इस बारे में आगे कहा “मेरे बेटे पर दबाव बनाया गया उसके कोच ने उसके साथ बेहद ही बुरा बर्ताव किया और जारयाब को आत्महत्या करने पर मजबूर किया. मै सरकार और पाकिस्तानी क्रिकेट एसोसिएशन से ये दर्खावस्त करता हूँ कि अंडर-19 में काम करने वाले चयनकर्ताओं और कोच में सुधार लाया जाए ताकि जो आज जो मेरे बेटे के साथ हुआ है वो कल को किसी और के बेटों के साथ न हों.

भारत ने जीता था विश्वकप

बता देंकि ये वही विश्वकप है जिसे भारत की अंडर-19 टीम ने जीता था. ये टूर्नामेंट न्यूजीलैंड में आयोजित किया गया था. इस टूर्नामेंट को भारत ने जीता था. ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में हरा भारत चौथी बार इस प्रतियोगिता में चैंपियन बना रहा.

कई रिपोर्ट्स और खिलाड़ियों का कहना है कि अगर जारयाब को चोट लगने के कारण अंडर-19 टीम से नही निकाला जाता तो वह आगे आने वाले मैचों में अच्छा प्रदर्शन दिखा कर शायद टूर्नामेंट का मंजर ही बदल देता.

 

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