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टीम के कुल रनों में से 85% रन अकेले इस खिलाड़ी ने बनाकर टीम को जितवाया था मैच

पृथ्वी शॉ

पृथ्वी शॉ – आज हम एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसने अपनी टीम से ज्यादा रन बनाकर उसे जिताया था. ये वो खिलाड़ी है जिसका क्रिकेट की दुनिया में सालभर से नाम जपा जा रहा है.

हो सकता है कि आप इन्हें देखकर ना पहचानें लेकिन आपको बता दें कि देश भर का हर क्रिकेट प्रेमी इस खिलाड़ी का नाम जान चुका है. इस समय हम इनका जिक्र इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि अंडर-19 में इन्होंने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ पारी खेल कर भारत को कई जीत हासिल करवाईं हैं.

दरअसल, ये और कोई नहीं बल्कि महाराष्ट्र के पृथ्वी शॉ हैं. न्यूजीलैंड में चल रहे अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में 16 जनवरी को टीम इंडिया का दूसरा मैच था. ये मैच भारत और पपुआ न्यू गिनी की टीम के बीच हुआ. मैच के दौरान टीम इंडिया ने बेहतरीन पारी से मैच जीता और पृथ्वी शॉ ने लोगों का दिल.

पृथ्वी शॉ

टॉस जीत कर पपुआ न्यू गिनी ने बैटिंग चुन कर टीम इंडिया को 65 रन का टारगेट दिया था.

तो चलिए जानते हैं कि आखिर पपुआ न्यू गिनी ने कैसे और कितने रन बनाए थे –

टीम के 61 रन तक 4 विकेट गिर चुके थे उसके बाद टीम ने

61/4

61/5

62/6

62/7

63/8

64/9

64/10

और बस इतने में ही पूरी टीम सिमट गई.

इसके बाद बारी आई भारतीय टीम की, ये तो सभी जान चुके थे कि मैच ज्यादा देर तक नहीं चलने वाला है. इंडिया की तरफ से मैच जीतने के लिए पहली पारी में उतरे कप्तान पृथ्वी शॉ और मनजोत कालरा. पृथ्वी शॉ ने ये मैच मात्र 8 ओवरों में खत्म कर दिया और इंडिया की इस जीत में 85% रन तो खुद पृथ्वी ने ही बनाए.

पृथ्वी शॉ

पृथ्वी के साथ उतरे दूसरे ओपनर मनजोत ने 9 गेंदो पर 9 रन बनाए. वहीं दूसरी ओर पृथ्वी ने 39 गेंदों पर 57 रन बना कर मैच जीत लिया. एकदम शाही अंदाज़ में पृथ्वी ने आंठवे ओवर की आख़िरी गेंद पर चौका लगाते हुए 67 रन बानकर इंडिया को 10 विकेट से मैच जीतवाया.

आपको लग रहा होगा कि 65 रन का भी कोई टारगेट हुआ,  तो दोस्‍तों माना टारगेट छोटा था लेकिन ऐसी सधी हुई आक्रामक बल्लेबाजी ये साफ जाहिर करती है कि आखिर क्यों पृथ्वी की तुलना क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर से की जा रही है. इस मैच से पहले भारत का मुकाबला 14 जनवरी को अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया से हुआ था जिसमें टीम इंडिया ने 328 रन बनाकर 100 रनों से जीत हासिल की थी. इस मैच में पृथ्वी ने 94 रन बनाए थे. पृथ्वी की बैटिंग के दौरान कई ऐसे पल आए, जब देखने वालों ने कहा कि ये लड़का तेंदुलकर के नक्शे-कदम पर है.

पृथ्वी शॉ ने 3 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. उस समय उनकी हाइट क्रिकेट स्टंप से भी कम हुआ करती थी. 7-8 साल की उम्र से ही उनके कोच ने पृथ्वी को 11-12 साल के बच्चों के साथ प्रैक्टिस कराना शुरू कर दिया था. फिलहाल पृथ्वी भले ही 12वीं कक्षा में हों लेकिन उनका मैच देखने दूर-दूर से लोग महाराष्ट्र आते हैं.

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