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अंबानी पर मेहरबान मोदी सरकार, जियो यूनिवर्सिटी खुलने से पहले ही उसे बताया उत्कृष्ट संस्थान

नरेंद्र मोदी और मुकेश अंबानी के मधुर रिश्तों पर तो पहले से ही सवाल उठते रहे हैं और अब मोदी सरकार ने जो किया है उससे तो यही लगता है कि वो अंबानी को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है.

मोदी सरकार ने जो काम किया है उसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

कोई भी यूनिवर्सिटी खुलते ही तुरंत टॉप पर नहीं आ सकती और यहां तो मोदी सरकार ने जियो के उस संस्थान को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दे दिया है जो अभी तक अस्तित्व में आया ही नहीं है.

दरअसल, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश के 6 शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थानों का दर्जा दिया है.

इन संस्थानों में 3 सरकारी और 3 निजी संस्थान शामिल हैं. इन निजी संस्थानों में एक नाम जियो इंस्टीट्यूट का है जो अभी तक खुला ही नहीं है. सरकार की ओर से एक ‘बिना अस्तित्व’ वाले कॉलेज या यूनिवर्सिटी को उत्कृष्ट संस्थान में शामिल करने से जाहिर है कई सवाल खड़े हो रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार जियो इंस्टीट्यूट रिलायंस का एक संस्थान है, लेकिन अभी तक इस संस्थान ने काम करना शुरू नहीं किया है. वहीं ट्विटर पर भी इस संस्थान का उल्लेख नहीं मिलता.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को भी इन संस्थानों का नाम घोषित करते हुए जियो इंस्टीट्यूट का कोई ट्विटर हैंडल नहीं मिला और उन्हें भी ऐसे ही इसका नाम लिखना पड़ा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले कुछ साल में यह संस्थान जियो इंस्टीट्यूट अस्तित्व में आ सकता है.

एक वेबसाइट के अनुसार यूजीसी का कहना है कि जब जियो इंस्टीट्यूट तीन साल बाद अस्तित्व में आएगा तो इसके पास अधिक एटोनॉमी होगी. साथ ही इसे ग्रीन फील्ड कैटेगरी के अधीन चुना गया है. हालांकि अभी तक इंटरनेट पर जियो इंस्टीट्यूट के कैंपस, कोर्स आदि के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है. यह एक प्रोजेक्टेड संस्थान है. वेबसाइट के अनुसार पैनल अधिकारी एन गोपाल स्वामी का कहना है, ‘हमनें जियो इंस्टीट्यूट को ग्रीनफील्ड कैटेगरी के तहत चुना है, जो कि नए संस्थानों के लिए होती है और उनका कोई इतिहास नहीं होता है. हमनें प्रपोजल देखा और इसके लिए चुना. उनके पास स्थान लिए प्लान है, उन्होंने फंडिंग की है और उनके पास कैंपस है और इस कैटेगरी के लिए आवश्यक सबकुछ है.’

इस लिस्ट में शामिल होने से संस्थानों के स्तर और गुणवत्ता को तेजी से बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और सेलेबस को भी जोड़ा जा सकेगा. इसके अलावा विश्व स्तरीय संस्थान बनाने की दिशा में जो कुछ भी जरूरी होगा, किया जा सकेगा.

बहरहाल, इंटरटेनमेंट से लेकर टेलीकॉम सेक्टर तक पर राज करने वाला अंबानी ग्रुप अब उच्च शिक्षा में उतरकर कहीं बाकी संस्थानों की छुट्टी न कर दे, क्योंकी अंबानी ने जिस भी क्षेत्र में कदम रखा है वहां अपना पूरा वर्चस्व स्थापित कर लिया है.

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