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9 साल की उम्र में ये लड़की बन गई वेबसाइट बनानेवाली कंपनी की सीईओ, आखिर कैसे !

श्रीलक्ष्मी सुरेश

ज़रा सोचिए जब आप नौ साल के थे तो क्या करते थे? जाहिर है ऐसे में सिर्फ आप ही नहीं बल्कि हममे से अधिकांश लोग सिर्फ और सिर्फ खेलकूद पर ध्यान देते होंगे. 9 साल की उम्र में भले ही बच्चे स्कूल जाते हैं लेकिन पढ़ाई-लिखाई से ज्यादा अधिकांश बच्चे सिर्फ मौज-मस्ती पर ध्यान देते हैं.

लेकिन क्या कोई सिर्फ 9 साल की उम्र में किसी कंपनी का सीईओ बन सकता है? जी हां, यह सवाल सुनकर थोड़ा अटपटा जरूर लगता है लेकिन ये सच है खेलने कूदने की इस छोटी सी उम्र में ही एक लड़की सीईओ बन गई.

आखिर कौन है वो लड़की और इतनी छोटी सी उम्र में वो वेबसाइट बनानेवाली कंपनी की सीईओ कैसे बन गई. ये सब हम आपको इस लेख के जरिए बताने जा रहे हैं.

9 साल की उम्र में यह लड़की बनी सीईओ

हममे से अधिकांश लोग थोड़ा सा काम करने के बाद या तो बोर हो जाते हैं या फिर थक जाते हैं और फिर थोड़ा सा ब्रेक लेकर फेसबुक और व्हाट्सऐप पर बिजी हो जाते हैं. हममे से अधिकांश लोग अपना ज्यादातर समय फेसबुक और व्हाट्सऐप जैसे सोशल साइट्स पर बर्बाद कर देते हैं.

लेकिन केरल के कोझिकोड़े जिले में रहनेवाली श्रीलक्ष्मी सुरेश नाम की एक लड़की सबसे अलग और बेहद खास है क्योंकि वो सिर्फ नौ साल की उम्र में ही वेबसाइट बनानेवाली कंपनी की सीईओ बन गई थी.

श्रीलक्ष्मी सुरेश ना सिर्फ वेबसाइट बनानेवाली कंपनी की सीईओ है बल्कि वो www.barcouncilkerala.org नाम की वेबसाइट पर केरल के कानून और उससे संबंधित जानकारियां मुहैया कराती है. आपको बता दें कि वेबसाइट बनानेवाली कंपनी की कम उम्रवाली इस सीईओ ने अब तक करीब 10 वेबसाइट भी डिजाइन किया है इन वेबसाइटों में उनके स्कूल की वेबसाइट भी शामिल है.

श्रीलक्ष्मी को मिल चुके हैं कई अवॉर्ड्स

बहुत कम उम्र में ही श्रीलक्ष्मी ने जो कर दिखाया है उसे करने में लोग सालों गुजार देते हैं फिर भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाती है. वेबसाइट बनानेवाली कंपनी की सीईओ श्रीलक्ष्मी को कई सारे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड भी मिल चुके हैं.

इतना ही नहीं वो असोसिएशन ऑफ अमेरिकन वेबमास्टर्स नामक संस्था की 18 साल से कम उम्र की इकलौती सभासद है और इस संस्था ने उसको सर्वोच्च ऐसे गोल्ड वेब पुरस्कार से सम्मानित किया है. इसके साथ ही इन्फोग्रूप नाम की कंपनी ने श्रीलक्ष्मी को ब्रांड एंबेसेडर के तौर पर चुना है.

अगर श्रीलक्ष्मी इतनी कम उम्र में कामयाबी की ऊंचाईयों को चूम रही है तो फिर इसके पीछे उसकी लगन और मेहनत का सबसे बड़ा योगदान है और इस बात से बिल्कुल भी इंकार नहीं किया जा सकता है.

ये है श्रीलक्ष्मी सुरेश – बहरहाल अगर आप भी अपने जीवन में कुछ कर गुजरने की चाह रखते हैं तो फिर श्रीलक्ष्मी की सफलता की यह कहानी आपके लिए किसी प्रेरणास्रोत से कम नहीं है लेकिन कामयाबी के शिखर तक पहुंचने के लिए आपके भीतर मेहनत करने की लगन और कुछ कर गुजरने का जुनून होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इनके बिना सफलता हांसिल करना बेहद मुश्किल है.

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