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अब दुश्मनों से निपटने के लिए तैयार है महिला स्वैट टीम

महिला स्वैट टीम – हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और अब तो पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में भी महिलाएं तेजी से कदम बढ़ा रही.

देश की सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिहाज से पहली महिला स्वैट टीम तैयार की गी है जो आज से दिल्ली में मोर्चा संभालेगी. गृहमंत्री राजनाथ सिंह इस स्पेशल विमन कमांडो टीम को दिल्ली की सुरक्षा में तैनात करेंगे.

देश की पहली, महिला स्वैट टीम, ऑल वुमेन SWAT टीम करीब 15 महीनों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद तैयार हुई है. इस महिला स्वैट टीम में कुल 40 महिला कॉन्स्टेबल हैं जिनमें से 36 उत्तरपूर्वी राज्यों से हैं. नैशनल और इंटरनैशनल सिक्‍योरिटी एंड डिफेंस एक्सपर्ट्स ने 15 महीने की कड़ी ट्रेनिंग के बाद इन्हें तैयार किया है. आपको बता दें कि  पुरुष कमांडो को 12 महीने की ट्रेनिंग दी जाती है.

स्वैट (swat) का अर्थ होता है स्‍पेशल विपन एंड टेक्‍ट‍िस टीम होता है.

इन महिलाओं को सेंट्रल और साउथ दिल्ली की संवेदनशील जगहों पर तैनात किया जाएगा. महिलाओं की इस स्‍वैट टीम को लाल किला और इंडिया गेट के पास तैनात किया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्वैट टीम को बनाने का आइडिया दिल्ली के पुलिस कमीश्नर अमूल्य पटनायक ने दिया था. पटनायक का मानना है कि ये स्‍वैट टीम किसी से भी कम नहीं हैं और कई मामलों मे पुरुष साथियों से बेहतर हैं.

टीम में शामिल महिला पुलिस अधिकारियों को स्‍पेशल कमांडो ट्रेनिंग दी गई है. वे टेरर स्ट्राइक और हॉस्टेज क्राइसिस, जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए ट्रेंड हैं. स्‍वैट टीम की महिला सदस्‍यों को इजरायली कर्व मागा की ट्रेनिंग दी गई है. ये खास तकनीक है जिसमें बिना हथियारों के हथियारबंद हमलावरों से निपटने के तरीके सिखाए जाते हैं.

इसके अलावा महिला स्वैट टीम की महिला सदस्यों के पास बहुत पॉवरफुल माने जाने वाले एमपी5 सबमशीन गन भी होगी.

सूत्रों के अनुसार 15 अगस्‍त के दिन यह टीम लाल किले में सुरक्षा का जिम्‍मा संभाल सकती हैं. 36 सदस्‍यों की इस टीम की ज्यादातर सदस्य असम से हैं. 13 महिला कॉन्स्टेबल असम की रहने वाली हैं, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और मणिपुर से 5-5 सदस्य हैं. मेघालय से चार, नगालैंड से 2, और मिजोरम और त्रिपुरा से 1-1 सदस्य है. टीम की कुछ सदस्‍य  ऐंटि-टैरर वैन ‘पराक्रम’ में तैनात की सकती हैं.

इस टीम के लिए एक ट्रांसलेटर (लैंग्‍वेज इंस्ट्रक्टर ) भी तैनात किया गया था ताकि ट्रेनिंग में दिक्‍कत न आए.

महिला स्वैट टीम की इन महिला अधिकारियों को दिल्‍ली पुलिस कमांडो ट्रेनिंग झारौदा कलां में और कुछ स्‍पेशल ट्रेनिंग एनएसजी के मानेसर स्थित सेंटर पर दी गई है. आपको बता दें कि इस टीम को हैंड ग्रेनेड किट, वायरलेस सेट, 20 मीटर नाइलॉन रस्सी, पेंसिल टॉर्च, बुलेटप्रूफ जैकेट, बुलेटप्रूफ हेल्मेट, कटर और कमांडो डैगर(चाकू) भी दिया गया है.

अब तक देश के अंदर हुए बड़े हादसों जैसे आतंकी हमलों से पुरुष एनएसजी और कमांडों की निपटा करते थे, क्योंकि ये काम मुश्किल होता है, मगर अब ये मुश्किल काम महिलाएं भी करेंगी. जाहिर है पूरे देश के लिए ये गर्व की बात है.

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