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क्‍यों जरूरी है हर औरत का माँ बनना ?

औरत का माँ बनना

औरत का माँ बनना – माँ बनना किसी भी औरत की ज़िंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, एक ऐसा पल जिसके लिए वो लंबे समय से इतंजा़र करती है, एक ऐसा ख्वाब जिसके हकीकत में तब्दील होने का वो इतंज़ार करती है, अपने होने वाले बच्चे के लिए वो ढे़र सारे ख्वाब संजोती है।

वक्त के साथ काफी सारे बदलाव आए हैं लेकिन मां बनने की खुशी, उसका अहसास कम नहीं हुआ है और शायद कभी भी नहीं होगा।

एक वक्त था जब मां बनने को औरतों की पूर्णता के प्रमाण के रूप में देखा जाता था लेकिन आज वक्त बदला है पर हां इतना ज़रूर है कि मेडिकली ऐसा कहा जाता है कि 20 से 30 वर्ष की उम्र में महिलाओं के लिए गर्भधारण करना ज़रूरी है।

दरअसल, ऐसा इसलिए भी है क्योंकि मां ना बनने की स्थिति में, औरत के शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इस्तेमाल में नहीं आता है जिस वजह से शरीर में कुछ खास तरह के अंसुतलन पैदा होने लगते हैं।

हालांकि ऐसा होना ज़रूरी नहीं है लेकिन फिर भी कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं इसलिए इस संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

औरत का माँ बनना –

दरअसल, इसके पीछे एक वजह ये भी है कि 14 साल से 50 साल की उम्र तक महिलाओं का शरीर गर्भधारण के लिए तैयार होता है, मासिक धर्म की प्रक्रिया इसी का एक अंग है। यही वो दौर होता है जिसमें अपने अनुरूप हर महिला बच्चे को जन्म देती है, उन्हें स्तनपान करवाती है। स्तनपान की प्रक्रिया के दौरान कोई महिला दोबारा मां नहीं बन सकती ये प्रकृति की तरफ से लगाई गई एक रोक है। तो लगभग हर ढाई से तीन साल बाद वह एक बच्चे को जन्म दे सकती है।

एक बहुत बड़ा सच ये भी है कि कई औरते बिना बच्चे को जन्म दिए भी एक हैल्दी लाइफ को जी सकती हैं इसलिए मां बनने को औरतों के लिए परिपूर्णता के पैमाने के रूप में देखना गलत है क्योंकि कई महिलाओं को बच्चा पैदा ना करने की स्थिति में कोई समस्या नहीं होती बल्कि अगर रिसर्च की मानें तो प्रेग्नेंसी और खासकर डिलीवरी के दौरान महिलाओं को कई तरह के तनाव और कमज़ोरी से गुज़रना पड़ता है और कई औरते प्रेग्नेंसी के दौरान शारीरिक रूप से अस्वस्थ हो जाती हैं।

आजकल लोग लम्बे समय तक अपनी सेक्स लाइफ को एंजॉय करने के बाद ही बच्चे के बारे में सोचते हैं जो कि गलत भी नहीं है लेकिन एक बात ये भी है कि लंबे वक्त तक अप्राकृतिक तरीकों से प्रेग्नेंसी को रोकना भी ठीक नहीं है क्योंकि इससे कई बुरे असर हो सकते हैं।

इस बात के कई पहलू हैं और कई सवाल भी हैं जैसे कि क्या बच्चे ना पैदा करना ठीक है ? क्या बच्चे पैदा ना करना सही है ? क्या मां बनना सेहत के लिए ठीक नहीं है या फिर क्या माँ ना बनकर महिलाएं अपने शरीर को नुकसान पहुंचा रही हैं ?

ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब भी अलग-अलग हैं औऱ सभी महिलाएं अपने हिसाब से इन सवालों पर रिएक्ट करती हैं जो कि गलत भी नहीं है क्योंकि सबका अपना प्‍वाइंट ऑफ व्यू हो सकता है। इसलिए किसी भी तरह के मापदंड निर्धारित करना पूरी तरह से गलत है।

अगर कम उम्र में औरत का माँ बनना गलत है तो लंबी उम्र तक औरत का माँ बनना भी गलत है इसलिए सभी पहलुओं पर विचार करते हुए ही इस संदर्भ में कोई कदम उठाना चाहिए।

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