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बुरे वक्‍त में पाकिस्‍तान को अपनी मुहर लगाकर चलानी पड़ी थी भारतीय करेंसी !

पाकिस्‍तान में भारतीय करेंसी

पाकिस्‍तान में भारतीय करेंसी – भारत और पाक का रिश्‍ता दोस्‍ती का कम और दुश्‍मनी का ज्‍यादा है।

आए दिन इन दो देशों के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी चलती रहती है। भारत के खिलाफ आतंकवादियों को पनाह देने की बात भले ही पाकिस्‍तान कबूल ना करता हो लेकिन ये बात सौ टका सच है।

पाकिस्‍तान ने समय-समय पर भारत को कमज़ोर करने की कोशिश की है और इसी वजह से आज तक इन दोनों देशों के बीच सुलह नहीं हो पाई है। पा‍क के दिल में भारत के लिए बेपनाह नफरत रहती है लेकिन फिर भी एक समय ऐसा था जब पा‍क भारत का मोहताज हो गया था।

जी हां, आज हम आपको एक ऐसा वाक्‍या बताने जा रहे हैं जिसमें पाकिस्‍तान में भारतीय करेंसी इस्तेमाल हुई थी – पाकिस्‍तान को मजबूरी में अपने देश में भारतीय करेंसी चलानी पड़ी थी।

आइए जानते हैं पाकिस्‍तान में भारतीय करेंसी कौप्योग कब और कैसे हुआ ।

1947 में जब हिंदुस्‍तान आज़ाद हुआ था और भारत ओर पाकिस्‍तान का बंटवारा हुआ था तब पाक के पास इस्‍तेमाल करने के लिए अपनी करेंसी नहीं थी। तब पाकिस्‍तान ने भारत के 1 रुपए के नोट पर अपनी मुहर लगाकर इसे अपने देश में इस्‍तेमाल किया था।

उस समय आप पाकिस्‍तान की बेबसी का अंदाज़ा लगा सकते हैं कि कैसे उसे बंटवारे के समय झुककर भारत की करेंसी का इस्‍तेमाल करना पड़ा था। इतना ही नहीं बंटवारे के दौरान पाक के पास कुछ भी नहीं था और उस समय सिर ढकने के लिए भारत ने उसे आर्थिक मदद दी थी।

इसे आप पाक की अहसान फरामोशी कह सकते हैं कि वो आज भी भारत से ली गई किसी भी तरह की मदद को अब स्‍वीकार करने से शर्म महसूस करता है। सभी जानते हैं कि जब भारत और पाकिस्‍तान का बंटवारा हुआ था पाक कंगाल था और उस समय भारत ने उसकी बहुत मदद की थी फिर आज पाक क्‍यों अपने पड़ोसी मुल्‍क की उस मदद को भूल गया और उसी पर आतंकवादी निशाना साधे बैठा है।

खबरों की मानें तो पाकिस्‍तान के कराची शहर में भारत का कुख्‍यात अपराधी दाउद इब्राहिम छिपा बैठा है जो वहीं से भारत में हथियारों की तस्‍करी करता है। इसके अलावा भारत में आतंकवाद फैलाने वाले आतंकवादी संगठनों के सरगना भी पाकिस्‍तान की सर जमीं में छिपे बैठे हैं। ये सभी भारत में आतंकवाद और क्राइम को फैलाना चाहते हैं।

करेंसी की बात करें तो उस समय भारत पाक के बहुत काम आया था, पाकिस्‍तान में भारतीय करेंसी चलने दी थी. वरना यूं ही कोई देश अपनी करेंसी किसी को इस्‍तेमाल करने नहीं देता है। आज की बात करें तो कुछ समय पहले ही देश में 1000 और 500 के नोट बैन हुए थे और 500 और 2000 और 200 के नए नोट उतारे गए थे। इन नए नोटों की देशभर में काफी चर्चा हुई थी ।

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