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इस जगह बैठकर करेंगें हनुमान चालीसा का पाठ तो मिलेगा दोगुना फल

हनुमान जी की उपासना

जीवन की हर मुश्किल को हनुमान जी की उपासना से दूर किया जा सकता है।

मान्‍यता है कि कलियुग में हनुमान जी ही एकमात्र ऐसा देवता हैं तो अपने भक्‍तों की मनोकामना को पल में पूरा कर देते हैं। हनुमान जी की शरण में आए भक्‍तों को कभी खाली हाथ नहीं जाना पड़ता है।

कई ग्रह दोषों के निवारण हेतु भी हनुमान जी की उपासना करने का विधान है। कुंडली में बैठे अशुभ ग्रहों के प्रभाव को हनुमान जी की कृपा से दूर किया जा सकता है।

हनुमान जी को प्रसन्‍न करने के लिए हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड आदि का पाठ किया जाता है। इनमें से किसी भी एक का पाठ करने से शनि, राहु और मंगल जैसे पाप ग्रहों के दुष्‍प्रभाव से मुक्‍ति मिलती है।

हिंदू धर्म में प्रकृति और ईश्‍वर के मध्‍य एक पवित्र रिश्‍ते का उल्‍लेख मिलता है। ऐसे कई पेड़-पौधे हैं जो देवी-देवताओं को प्रिय हैं या फिर जिनमें देवी-देवताओं को वास हो। इसके अलावा कई पौराणिक कथाओं में ऐसे पेड़-पौधों का जिक्र भी मिलता है जिनके भीतर अलौकिक शक्‍तियां हों या जो स्‍वयं ईश्‍वर के प्रिय होते हैं।

अगर आप पवन पुत्र हनुमान जी को प्रसन्‍न करना चाहते हैं तो आपको पीपल के पेड़ के पास बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से हुनमान जी जल्‍दी प्रसन्‍न होते हैं और अपने भक्‍तों के सभी दुख दूर कर देते हैं।

मान्‍यता है कि पीपल के पेड़ में सभी देवी-देवताओं सहित ब्रह्मा जी और विष्‍णु जी का भी वास होता है। यह पेड़ शनि देव और मां लक्ष्‍मी को भी अति प्रिय है। अगर आप इसकी छाया में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो आपको इसके दो फायदे मिलेंगें, पहला फायदा इससे शनि देव प्रसन्‍न होंगें और दूसरा फायदा ये होगा कि आपको हनुमान जी की भी विशेष कृपा मिलेगी।

रविवार का दिन छोड़कर आप रोज़ पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। ऐसा करने से पितरों को भी शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्‍त होता है।

अगर आपके जीवन में कोई कठिनाई चल रही है या आप किसी बुरे दौर से गुज़र रहे हैं तो आपकेा पीपल के पेड़ के नीचे एक शिवलिंग की स्‍थापना करनी चाहिए। इस शिवंलिंग पर रोज़ जल चढ़ाएं और इसकी पूजा करें। आपके सभी कष्‍ट दूर हो जाएंगें।

रविवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा नहीं की जाती है क्‍योंकि ऐसा मानना है कि इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने से घर में गरीबी और दरिद्रता आती है। जो भी व्‍यक्‍ति इस दिन पीपल के पेड़ प जल चढ़ाता है या उसकी पूजा करता है उस पर धन की देवी मां लक्ष्‍मी की बहन दरिद्रता प्रसन्‍न हो जाती हैं और उस व्‍यक्‍ति को गरीब बना देती हैं। इस दिन पीपल की पूजा करने से व्‍यक्‍ति को धन-संपन्‍ना की जगह दरिद्रता मिलती है इसलिए इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना वर्जित है।

शनिवार और मंगलवार का दिन विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित है इसलिए इन दो दिनों पर पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ हनुमान जी की उपासना करने से विशेष फल की प्राप्‍ति होगी।

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