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एक आदमी ने रातोंरात चुराई पूरी सड़क, लोगों ने की तारीफ !

बेरोज़गार

बेरोज़गार – शीर्षक पढ़कर आपकी दुविधा को मै समझ सकती हूं लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले या फिर इस खबर को निराधार घोषित करने से पहले ज़रा ठहरिए और पूरी बात जान लीजिए।

जी हां, ना तो ये खबर किसी तरह का मज़ाक है और ना ही इसमें कुछ ऐसा है जिस पर आप यकीन नहीं कर सकते।

इस खबर को अगर आप अतिशयोक्ति समझ रहे हैं तो ये भी गलत है क्योकि इस खबर में किसी तरह की कोई मिलावट नहीं है। अब आपके दिमाग में पहला ख्याल ये आ रहा होगा कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है ? या तो फिर आप ये सोच रहे होंगे कि ये मुमकिन ही नहीं है.

तो चलिए इससे पहले कि आप किसी नतीजे पर पहुंचे आपको बता दूं मामला कुछ यूं है कि चीन में एक आदमी ने असलियत में एक पूरी सड़क गायब कर दी।

बेरोज़गार

जी हां, यूं तो भारत में सरकारी अधिकारी अक्सर ही सड़के चोरी करने जैसे मामले में पकड़े जाते हैं लेकिन असलियत में पूरी सड़क कैसे गायब हो सकती है, ये हम आपको आज बनाते हैं।

दरअसल पूर्वी चीन में एक बेरोज़गार चोर ने रातोंरात 800 मीटर लंबी कंक्रीट की सड़क चुरा ली। जिआंगसू प्रांत में इस घटना के बाद सभी असमंजस में है। हैरान परेशान ग्रामीणों ने 24 जनवरी को पुलिस में रहस्यमय तरीके से सड़क के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। ऐसा होते दिखने पर कुछ लोगों को लगा कि शायद बिना किसी पूर्व सूचना के सड़क की मरम्मत का काम शुरू हो गया है लेकिन ऐसा भी नहीं था।

बेरोज़गार

जब पुलिस इस मामले में पड़ी तो पता चला कि झू नामक व्यक्ति ने अपने आप ही  सड़क खोदने के लिए एक खुदाई करने वाले और ट्रक को बुला लिया था। इसके बाद उसने वहां से निकलने वाले कंक्रीट को स्टोन मेटेरियल फैक्ट्री तक पहुंचाया और फिर इसी फैक्ट्री ने उसे खरीद लिया ये बात यूं तो बहुत विचित्र है लेकिन एकदम सच है। दरअसल, इस चोर ने बाद में अपने बयान में बताया कि वो पैसे कमाने का रास्ता खोज रहा था और उसे लगा कि अगर वो सड़क को खोदकर उसकी कंक्रीट को बेच देगा तो उसे बढ़िया मुनाफा होगा। झू ने बताया कि उस सड़क पर चहल-पहल नहीं रहती थी लेकिन मैने इस काम के लिए उस सड़क को चुना और सोचा कि क्यूं ना  इसी सड़क को काटकर मैं सीमेंट के टुकड़े बेच दूं और कुछ कमाई कर लूं। झू ने बताया कि उसका प्लान बहुत ही बचकाना हो सकता है लेकिन वो बेरोज़गार था और उसका इरादा सिर्फ पैसे कमाना ही था, उसकी मंशा कुछ और नहीं थी।

इस बारे में झू को कुछ लोग गलत कह रहे हैं तो कुछ इसे बेरोज़गारी की मार समझ रहे हैं, खैर इस मामले में किसी नतीजे पर तो हम नहीं पहुंचना चाहेंगे लेकिन ये मामला है काफी विचित्र। अब आप ही सोच लें कि दुनिया में कैसे-कैसे बेरोज़गार हैं। भारत में तो बेरोज़गारों की संख्‍या बहुत ज्‍यादा है और अगर वो सभी ऐसा कुछ विचित्र करने लग जाएं तो ना जाने देश का क्‍या होग।

इससे तो बेहतर है कि वो बेरोज़गार ही रहें और ऐसा कुछ ना करें।

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