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थाईलैंड के बौद्ध मंदिर की दीवारों पर क्यों बने हुए हैं रामायण के चित्र

थाईलैंड के बौद्ध मंदिर

थाईलैंड के बौद्ध मंदिर – थाईलैंड टूरिस्ट्स के बीच घूमने के लिए एक लोकप्रिय देश है।

यहां अधिकतर टूरिस्ट घूमने के लिए आते हैं। यहां का सबसे लोकप्रिय दर्शनीय स्थल एक बौद्ध मंदिर है जिसकी दीवारों पर रामायण की कथा का चिंत्रांकन किया है। अब ये एक हैरान करने वाली बात है कि मु्स्लिम बहुत देश में एक बौद्ध मंदिर है जिसकी दीवारों पर रामायण की कथा लिखी गई है। इस हैरान करने वाली स्थिती से ही दो-चार होने के लिए टूरिस्ट सबसे ज्यादा यहां आते हैं।

थाईलैंड के बौद्ध मंदिर

हरित बुद्ध मंदिर

थाईलैंड में स्थित इस मंदिर को वाट फ्रा काएव या ‘हरित बुद्ध मंदिर’ के नाम से जाना जाता है जो वहां के बौद्ध धर्मावलंबियों का सबसे प्रतिष्ठित तीर्थ स्थान है। थाईलैंडवासियों के लिए ये हरित बुद्ध उनके देश के रक्षक हैं और इसलिए यहां इनकी सबसे ज्यादा बात मानी जाती है। मतलब कि इके कथनानुसार यहां के लोग जीवनयापन करते हैं।

थाईलैंड के बौद्ध मंदिर

शाही महल के पास मंदिर

यह मंदिर राजधानी बैंकाक के केंद्र में बना है और शाही महल के पास ही स्थित है। या फिर यूं कहें कि शादी महल इस मंदिर के पास स्थित है। मंदिर के परिसर में सौ से ज्यादा इमारतें हैं। इस मंदिर का घेराव लगभग दो किमी लंबी दीवारें करती हैं। हमारे समाज में ईश्वर अवतार के रूप में बुद्ध की प्रतिष्ठा है, हम में से कइयों के लिए यह मंदिर आस्था का विषय हो सकता है। लेकिन परिसर को घेरने वाली बाहर की दीवार आस्था के साथ-साथ हर टूरिस्ट और भारतीय के लिए हैरानी का विषय बनती है।

थाईलैंड के बौद्ध मंदिर

रामायण का चित्रांकन

इस मंदिर को घेरी हुई पूरी दीवार पर रामायण का चित्रांकन किया गया है। वह भी बहुत ही अव्वल दर्जे की चित्रकला यहां की गई है। इस चित्रांकन के कला और रंगों की गुणवत्ता की तारीफें बड़े-बड़े कलाकार करते हैं।

थाईलैंड के बौद्ध मंदिर

राम की कहानी बताती चित्रकला

इन दीवारों पर रामायण की चित्रकला के जरिये राम की कहानी बताई गई है। इस चित्रकला के द्वारा थाईलैंड में प्रचलित रामाकीन उर्फ रामायण की कहानी बताई जाती है। रामाकीन के नायक फ्रा उर्फ राम की तरह बनने की प्रेरणा देती यह चित्रकला वहां के लोगों को जिंदगी के कई सारे अहम पहलुओं से रुबरु कराती है और उन्हें एक अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा देती है। सबसे अच्छी बात है कि वहां के लोग कहानी से मिल रही शिक्षाओं को अपनी जिंदगी में शामिल करने की पूरी कोशिश करते हैं। ये चित्र दीवार के कुल 178 हिस्सों (पैनलों) पर बने हैं और कुछ दशकों के अंतराल पर इनका ‘रेस्टोरेशन’ किया जाता रहता है. पिछली बार 2004 में ऐसा हुआ था।

थाईलैंड के बौद्ध मंदिर

रामाकीन मतलब राम की गौरव गाथा

थाई भाषा में रामाकीन का मतलब होता है राम की गौरव गाथा। यह कहानी वाल्मीकि के रामायण की तो नहीं है लेकिन उससे काफी मिलती-जुलती है। केवल कुछ जगहों के विवरण और चरित्र थोड़े अलग हैं।

वहां का संस्कृति ग्रंथ

भारत में रामायण को एक धर्मग्रंथ का दर्जा प्राप्त है वहीं थाईलैंड के लिए यह उसकी संस्कृति का प्रतिनिधि महाग्रंथ है जिसकी कहानी उसी देश के किरदारों को आधार बनाकर बुनी गई है।

थाईलैंड के बौद्ध मंदिर – रामायण के सारे आधार को अपनी जिंदगी में उतारने के लिए ही वहां के इस मंदिर की दीवार में रामायण का चित्रांकन किया गया है। इन चित्रों के अनुसार वे अपना रहन-सहन फॉलो करते हैं और एक-दूसरे से व्यवहार भी करते हैं।

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