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इस किसान ने उगाई ऐसी चीज़ रातों-रात हो गया करोड़पति

स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी – कहते हैं जिसके पास दिमाग होता है एक न एक दिन पैसा आ ही जाता है, लेकिन जिसके पास सिर्फ पैसे होता है और दिमाग नहीं तो वो एक दिन सारे पैसे गंवा बैठता है.

यानी पैसे से ज़्यादा ज़रूरी है दिमाग, तभी तो यूपी के एक किसान ने खेत में सालों से उगाए जाने वाले गन्ने की बजाय एक ऐसी चीज़ उगाई जिसने उसे आज करोड़पति बना दिया है.

जी हां गन्ने की खेती करने वाले किसान ने स्ट्रॉबेरी उगाकर लाखों की कमाई की है.

स्ट्रॉबेरी

दरअसल, यूपी के मुजफ्फनगर में रहने वाले योगेश सैनी पारंपरिक रूप से गन्ने की खेती करते आ रहे थे, लेकिन इस खेती से उनका कोई खास ‘भला’ नहीं हो रहा था, कमाई काफी कम थी और मेहनत भी लग रही थी. फिर एक योगेश ने गन्ने की खेती छोड़ कुछ नया अपनाने की सोची. इसके बाद उसने स्ट्राबेरी की खेती करने की सोची. योगेश ने इस बारे में पूरा रिसर्च किया. जब उसे यकीन हो गया कि उसका आइडिया कामयाब हो जाएगा तब उसने अपने पिता से इस बारे में बात की.

योगेश को पता था कि कम पैमाने पर खेती करने से लाभ नहीं होगा. उसने अपने पिता जी से बात की और अपनी सारी बचत निकाल ली. योगेश ने 10 बीघा और जमीन खेती के लिए ली. साथ ही किसी से एक लाख रुपया भी उधार लिया.

आज सैनी की मेहनत रंग लाई है.

स्ट्रॉबेरी

फिलहाल, योगेश हर सीजन में स्ट्राबेरी से 3 से 4 लाख रुपये कमा रहे हैं. बता दें कि योगेश केवल 10वीं तक पढ़े हैं और स्ट्राबेरी की खेती का आइडिया उन्हें इंटरनेट से मिला. इंटनेट बहुत कमाल की चीज़ है बस इसे सही तरह से इस्तेमाल के लिए आपके पास दिमाग होना चाहिए.

वैसे हम आपको बता दें कि स्ट्रॉबेरी एक बहुत ही नाज़ुक फल होता है. जो आमतौर पर ठंडी जगहों पर ह उगाया जाता है. आपको जानकर आश्चर्य होगा की स्ट्रॉबेरी की 600 किस्में दुनिया में मौजूद है. ये सभी अपने स्वाद रंग रूप में एक दूसरे से अलग होती है. स्ट्रॉबेरी में अपनी एक अलग ही खुशबू के लिए पहचानी जाती है. जिसका फ्लेवर कई सारी आइसक्रीम आदि में इस्तेमाल किया जाता है. स्ट्रॉबेरी में कई सारे विटामिन और लवण होते है जो स्वास्थ के लिए लाभदायक होते है. इसमें विटामिन C एवं विटामिन A  और K पाया जाता है. जो रूप निखारने और चेहरे  में कील मुँहासे, आँखो की रौशनी चमक के साथ दाँतों की चमक बढ़ाने का काम आते है इनके आलवा इसमें कैल्शियम मैग्नीशियम फोलिक एसिड फास्फोरस पोटेशियम होता है.

भारत में स्ट्रॉबेरी की अधिकतर किस्में बाहर से मगवाई जाती हैं. स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए तापमान 20 से 30 डिग्री होना चाहिए इससे ज़्यादा तापमान में पौधों को नुकसान पहुंचता है. स्ट्रॉबेरी का पौधा लगाने के बाद तुरंत सिंचाई की जानी चाहिए. इसके पौधों को कीटों से बचाना भी ज़रूरी होता है.

यागेश को गन्ने की बजाय स्ट्रॉबेरी की खेती का आइडिया इंटरनेट से आया, अब तो आप समझ गए होंगे कि इंटरनेट बहुत काम की चीज़ है, बस इसे सही तरह से इस्तेमाल किया जाना ज़रूरी है.

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