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शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने का भारत में यूं बढ़ा चलन

शादी से पहले शारीरिक संबंध

शादी से पहले शारीरिक संबंध – एक वक्त था जब शादी से पहले संबध बनाना बिल्कुल चलन में नहीं था, खासकर महिलाएं तो इस तरह के संबधों से बहुत कतराती थी क्योंकि महिलाओं के दिलों-दिमाग पर हमेशा ही अनचाही प्रेग्नेंसी का डर बना रहता था लेकिन अब बदलते वक्त के साथ ही शादी से पहले संबंध बनाने का चलन बढ़ गया है और महिलाओं को भी यौन आज़ादी मिली है जो कि कई मायनों में ज़रूरी भी थी।

कहीं ना कहीं इस वजह से अब महिलाओं को कई पैमाने पर पुरूषों के बराबर आने का हक मिला है।

अब महिलाएं अपनी इच्छानुसार गर्भ धारण कर सकती हैं और शायद यही वजह है कि अब महिलाएं अपने करियर में ठहराव लेकर आने के बाद, अपनी मैरिज लाइफ के कुछ शुरुआती साल एंजॉय करने के बाद ही बच्चे को अपनी लाइफ में जगह देती हैं।

गर्भनिरोधक गोलियों से महिलाओं की जिंदगी में कई सकारात्मक बदलाव आएं हैं।

गर्भनिरोधक गोली के बाद एक क्रान्तिकारी परिवर्तन ये आया है कि अब सिंगल महिलाएं भी बिना गर्भ के डर के शादी से पहले शारीरिक संबंध बना सकती हैं साथ ही अब शादी का मतलब सेक्स और सेक्स का मतलब शादी नहीं रह गया है।

आपको शायद ये जानकर हैरानी होगी कि गर्भ निरोध करना जो कि आजकल इतना आसान हो गया है एक वक्त पर उसके लिए कई खतरनाक और अजीबोगरीब तरीके अपनाए जाते थे.

जैसे कि मगरमच्छ का मल, जी हां, आपको पढ़ने में अजीब लग सकता है लेकिन प्राचीन मिस्त्र में महिलाएं गर्भनिरोध के लिए मगरमच्छ के मल और शहद को वजाइना में मलती थीं ऐसा कहा जाता था कि ऐसा करने से सीमेन और कर्विक्सेस के बीच एक रूकावट बन जाती है और दोनों एक-दूसरे से नहीं मिल पाते हैं जिस वजह से अनचाही प्रेग्नेंसी नहीं होती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि मगरमच्छ के मल में मौजूद अम्लीय तत्व प्रभावशाली शुक्राणुनाशक होते हैं। अगर आपको लग रहा है कि इसका इस्तेमाल महिलाएं कभी-कभी किया करती थी तो आप गलत हैं बल्कि इसका इस्तेमाल अमूमन ही किया जाता था।

एक वक्त पर महिलाएं अपने वजाइना में नींबू का रस डाला करती थी क्योंकि साइट्रिक एसिड को शुक्राणुनाशक माना जाता है और ऐसा कहा जाता है कि ऐसा करने से गर्भ का निरोध होता है।

ये एक बहुत ही अजीब तरीका है लेकिन ऐसा माना जाता था कि महिलाओं को प्रेगनेंसी रोकने के लिए इंटरकोर्स के बाद उकड़ू बैठकर छींकना चाहिए इससे भी इंटरकोर्स के बाद प्रेग्नेंसी नहीं होती है।

लेड जिसे शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक माना जाता है उसका उपयोग भी महिलाएं एक वक्त पर निरोध के रूप में किया करती थी। प्राचीन समय में चीन और ग्रीस की महिलाएं प्रेगनेंसी रोकने के लिए लेड मिला हुआ पानी पीती थी।

प्रेग्नेंसी रोकने के ये अजीबोगरीब तरीके पढ़कर आपको भी अजीब लगना चाहिए लेकिन ये हैं एकदम सच और इसलिए अब गर्भनिरोधक दवाओं ने प्रेंग्नेसी रोकना बहुत ही आसान कर दिया है और महिलाओं को भी यौन आज़ादी दी है।

बस, इसी वजह से भारत में भी महिलाएं शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने में हिचकिचाती नहीं हैं और खुलकर अपनी यौन आजादी को एंजॉय करती हैं।

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