ENG | HINDI

इस लड़की से एक मुलाक़ात करने की ख़ातिर आईपीएस ने करवाई टिकट कैंसिल जानिए कौन है ये लड़की

सीमा मोदी

सीमा मोदी – कहा जाता है कि प्यार जितनी ताकत शायद ही इस दुनिया में किसी और एहसास के पास हो.

यह एक ऐसा अनोखा एहसास होता है जो किसी कि भी जिंदगी पल भर में बदल देता है. अगर यही प्यार पहली नजर में हुआ हो तो इसकी बात ही कुछ और है. भारत के धर्म प्रधान देश है जिसके चलते कई प्रेमी जोड़ों को अपनी जिंदगी तक त्यागनी पड़ जाती है. आखिर में प्यार इस नफरत के आगे दम तोड़ देता है.

लेकिन कई ऐसे भी लोग हैं जिन्हें अपना प्यार अंत में मिल ही जाता है. आज हम आपको एक ऐसे ही प्रेमी जोड़े की लवस्टोरी के बारे में बताने जा रहे हैं जो आज कल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.

सीमा मोदी

भारत के 3 राज्यों की बेहतरीन कलाकार और 280 से भी अधिक शो करने वाली सीमा मोदी को उत्तर प्रदेश की बहू रानी माना जाता है. सीमा और उनके पति की प्रेम कहानी शुरू होती है उनके एक रिश्तेदार की शादी से. यह दोनों एक शादी में मिले थे और इसी एक मुलाकात में सीमा के पति को उनसे इस कदर प्यार हो गया कि उन्होंने एक बार मिलने के लिए अपनी ट्रेन टिकट तक कैंसिल करवा दी थी.

सीमा मोदी की बेसिक पढाई लिखाई झारखंड से हुई है. 1955 में सीमा मोदी आईपीएस पति मोहन मोदी अपनी शादी के लिए रिश्तेदार के घर आए थे, लेकिन मोहन को सीमा पहली नजर में पसंद नहीं आई. मोहन जब परिवार के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे तो उन्हे पता चला कि उनकी ट्रेन 6 घंटे लेट है. सीमा का घर रेलवे स्टेशन से पास ही था और वह अपने परिवार के साथ उनके घर आ पहुंचे. सीमा ने बताया की उस समय वह बेहद शर्मीले स्वभाव की थी और उनका पुरा घर म्युजिक के माहौल से रंगा हुआ था.

सीमा मोदी ने बताया कि अचानक मेहमान आने के बाडा उसकी माँ ने उसे पकौड़े बनाने के लिए रसोई घर जाने की हिदायत दी. परंतु सीमा ने हसंते हुए कहा की आप जाओ पकौड़े बनाओ और मैं यहाँ मेहमान नवाजी करूँगी.

सीमा मोदी

जब मेहमानों का पेट भरने लगा तो वह खाने से मना करने लगे परंतु सीमा उनकी चुटकी लेते हुए बोली “माँ अब और मत बनाओ मेहमान मना करने वाले हैं” सब हँसने लगे और सीमा की माँ उसे डाटने लगी. तभी मोहन ने कि कहा मुझे लगता है कि मैं यहाँ कुछ दिन और रुक जाऊँ, जिस पर सीमा के पिता बोले अरे बेटा ये भी कोई कहने की बात है यह तुम्हारा ही तो घर है. ऐसा जवाब सुनकर मोहन ने तुरंत अपनी टिकट कैंसिल करवा दी.

सुबह सीमा ने सब की फरमाइश पर “मोरा मन दर्पण कहलाए” गाया जिसके बाद सभी उनकी तारिफ करने लगे. जाते-जाते मोहन सीमा के मामा जी से कह कर गए की “यह 24 घंटे उनकी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पलों में से एक थे फिलहाल मुझे डयूटी के कारण जाना पड़ रहा है लेकिन मैं जल्द ही आपके घर सीमा को ले जाने अपनी बारात लेकर आउंगा. और बस फिर क्या था मोहन और सीमा कि इस मुलाकात के ठीक 2 महीने बाद उनकी मुरादाबाद में शादी भी हो गई.

Don't Miss! random posts ..