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जब पीएम मोदी ने पहनी केले के पेड़ से बनी जैकेट !

केले के पेड़ से बनी जैकेट

केले के पेड़ से बनी जैकेट – देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर ही अपनी लाइफस्टाइल को लेकर चर्चाओं में बने रहते हैं। पीएम मोदी इस उम्र में भी खुद को फिट रखने के लिए हर तमाम कोशिश करते हैं।

उनके खाने से लेकर सोने तक सब कामों का समय  बंधा हुआ है।

केले के पेड़ से बनी जैकेट

पीएम मोदी की इसी लाइफस्टाइल को देखते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ से एक अनोखा तोहफा मिला है। 17 सितम्बर को पीएम मोदी ने अपना 68वां जन्मदिन मनाया और इस  ख़ुशी के मौके पर छत्तीसगढ़ के लोगों ने पीएम मोदी को केले के पेड़ से बनी जैकेट तोहफे में दी। इतना ही नहीं उन्होंने केले के पेड़ से बने जैकेट के साथ-साथ अलसी के पौधे से बनी शॉल भी पीएम मोदी को भेंट की।

केले के पेड़ से बनी जैकेट

दरअसल पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन के कुछ दिनों बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 156 कि.मी. दूर स्थित जांजगीर में एक रैली को सम्बोधित किया था और इस रैली में उन्होंने केले के पेड़ से बनी जैकेट पहनी थी। इस रैली में नरेंद्र मोदी ने स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की ढेर सारी प्रशंसा की थी। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने रैली में मौजूद सभी किसानों से अपनी आय बढ़ाने के लिए ऐसे नए तरीकों पर विचार-विमर्श करने को कहा।

कृषि विज्ञान केंद्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक खेमदास महंत ने पीएम मोदी के इस केले के पेड़ से बनी जैकेट की खासियत के बारे में बात करते हुए कहा कि ‘यह खास जैकेट केले के पेड़ के तने से बना है और उनकी शॉल अलसी के पौधे से बनी है।’महंत ने आगे अपनी बातचीत में बताया कि ‘जिन भी बुनकर ने पीएम मोदी के लिए केले के पेड़ से बने दो जैकेट और अलसी के पेड़ से शॉल बनाई है वे दोनों पड़ोस के ही गांव बेह्रादि और कोसमंडल के रहने वाले हैं।’

खेमदास महंत ने आगे ये भी कहा कि ‘रेवती यादव नामक महिला ने अपनी टीम के साथ मिलकर पीएम मोदी को ये केले के पेड़ से बनी जैकेट तोहफे में दिया है और अलसी के पेड़ से बनी शॉल पिलेश्वर देवंगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की है। रेवती यादव की टीम में जितने भी सदस्य है उनमे से ज्यादा महिलाएं ही है। उनका मानना है कि इस तरह से महिलाएं खुद को आगे बढ़ा रहीं हैं और आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। रेवती यादव की टीम की सभी महिलाएं अपने घर का काम निपटाने के बाद खाली समय में इस तरह के नए-नए उत्पाद बनाती हैं।

केले के पेड़ से बनी जैकेट

गांव की महिलाएं इस तरह के उत्पाद बनाकर व्यवसायीकरण के तरीकों पर विचार कर रहीं हैं ताकि इसके जरिए उनका समय भी गुजरता रहे और उन्हें आर्थिक मदद भी मिल सके। वैसे इस तरह के उत्पाद बनाने से ज्यादा खर्चा होना भी बच सकता हैं और उत्पाद बनाने में उपयोग किये जाने वाले साधन भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। ये सभी उत्पाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाने में और इसे कारगार सिद्ध करने में मददगार साबित हो सकेंगे और इसके जरिए हमारे देश की महिलाएं भी आगे बढ़ सकेंगी।

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