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मोदी ने बताया सेहत का राज, कहा – रोज 1 किलो गालियाँ खाता हूँ !

मोदी की सेहत का राज

मोदी की सेहत का राज – कभी अपने आधी रात के फैसलों, कभी बयानों, भाषणों तो कभी अपनी बातों से अक्सर लोगों के जहन पर छाये रहने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र सिंह मोदी की फैन फोलोइंग बहुत बड़ी है।

देश ही नहीं विदेशों में भी लोग मोदी नाम पर चर्चा करते है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में नेटर्वक 18 को एक्सक्लूसिव इन्टरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने यूपी चुनाव, दलितों पर अत्याचार, देश की आर्थिक व्यवस्था, के अलावा अपने खान-पान रहन-सहन के सवालों के भी जवाब दिये।

बाकि सभी बातें तो उनकी नीति-राजनिती से जुड़ी थी, जिसमें अव्वल दर्जे की जवाबदेही के लिए वे विदेशों में भी काफी मशहुर है। अब इतनी फैन-फोलोइंग हो तो लोग पीएम मोदी की सेहत का राज भी जरूर जानना चाहते है। पर ये बात सुनकर सबको बड़ी हैरानी होगी कि पीएम मोदी की सेहत का राज है…. गालियां…. अरे…. अरे… नाराज मत होइये। क्योकि ये शब्द हमारे नहीं बल्कि खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र सिंह मोदी के है।

मोदी की सेहत का राज

दरअसल पीएम मोदी ने यह बात खुद लंदन के टाउनहॉल में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कही है।

लंदन के टाउनहॉल इवेंट में बुधवार यानि 18 अप्रैल को वह भारतीय प्रवासियों का संबोधन करने पहुंचे, जहां उनसे तमाम तरह के राजनैतिक, आर्थिक और समाजिक सवाल किये जा रहे थे। पीएम मोदी हर सवाल का जवाब बड़ी बेबाकी और खुशमिज़ाज़ी के साथ दे रहे थे  कि हॉल में बैठे एक श्रोता नें पीएम मोदी से उनकी सेहत का राज पूछ लिया।

तो उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों से वह रोजाना 1 से 2 किलों गालियां खा रहे है…. ‘गालियां’ शब्द सुनते ही पूरे हॉल में मोदी-मोदी की जय-जय कार के नारे गुंजने लगे।

आलोचकों की आलोचना को पीएम मोदी ने बड़ी ही सहजता के साथ सकारात्मक रूप से पेश किया।

मोदी की सेहत का राज

हमेशा से ऐसा देखा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र सिंह मोदी अपनी आलोचना को बड़ी सहजता के साथ लेते हुए अपनी वाकपटुता में उसे जाहिर भी कर देते है। इस बार के उनके इन शब्दों के भाषण ने तो जैसे लंदन के उनके भारतीय श्रोताओं को अपना कायल ही बना दिया, जिसके बाद हॉल में बैठे लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे।

प्रधानमंत्री की लोकप्रियता की बात की जाये, तो उनके इतना फेमस होने के पीछे उनकी आलोचनाओं का ही हाथ रहा है।

उनके आलोचक उनकी जमकर आलोचना करते है और वह उसी का फायदा उठाकर लोगों के मध्य सहानुभूति का घड़ा भर लेते है। बाद में यह घड़ा उनकी चुनावी जीत का प्रतीक बन जाता है। वो अपने हर भाषण में लोगों को बताते है कि देखों मीडिया, विपक्ष और कई बुद्धिजीवी तबके के लोग उन्हें कितनी गालियां दे रहे है। उनके इस तरह के बयानों के साथ एक बड़े तबके, राज्य, और वर्गों की सहानुभूति उनके प्रति दिनों-दिन बढ़ती रहती है। जो उन्हें जीत दिलानें में काफी हद तक मददगार भी साबित होती है।

ये है मोदी की सेहत का राज –  उसका ताजा उदाहरण है टाउनहॉल की घटना, जहां पीएम मोदी ने अपनी सेहत का राज गालियों को बताया। बस फिर क्या था लोगों ने जैसे ही गालियां शब्द सुना लोगों ने सहानुभूति के साथ उनके प्रति अपना सर्मथन तालियों और नारों के साथ जाहिर करना शुरू कर दिया।

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