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फेसबुक-व्हॉट्सऐप पर फोटोज़ डालने के लिए ही घूमने जाते हैं लोग

घूमने फिरने

पिछले कुछ सालों में लोगों का घूमने फिरने का शौक बहुत ज्‍यादा बढ़ गया है और देखा जाए तो इसका कारण सोशल मीडिया है।

देखने में आया है कि अब भारत के लोग सैर-सपाटा ज्‍यादा करते हैं। फेसबुक ने इस सैर-सपाटे पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का कहना है कि दुनिया के आधे से ज्‍यादा लोग फेसबुक और व्‍हाट्सऐप पर अपने टूर की फोटोज़ डालने के लिए ही घूमने जाते हैं।

दूसरों को चिढ़ाने या दिखावा करने के लिए घूमने फिरने का शौक का इस्तेमाल करते हैं और ऐसा भारतीय लोग ज्‍यादा करते हैं।

जुकरबर्ग की मानें तो फेसबुक पर रोज़ सौ करोड़ से भी ज्‍यादा यूज़र्स फोटोज़ डालते हैं जिनमें से अधिकतर तस्‍वीरें घूमने-फिरने की होती हैं। तस्‍वीरों को डालने में महिलाएं सबसे आगे हैं। शायद अगर उन्‍हें फेसबुक और व्‍हॉट्सऐप जैसी कोई जगह ना मिले तो इनमें से आधे लोग कहीं घूमने फिरने ही ना जाएं।

ये सब जुकरबर्ग ने अपने टूर का फोटो अपलोड करते हुए कहा।

फेसबुक द्वारा करवाए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि अगर कोई इंसान कहीं घूमकर आता है तो उसके एक हफ्ते के अंदर ही उसके पड़ोसी और रिश्‍तेदार भी कहीं घूमने का प्‍लान बना ही लेते हैं।

मेरे एक पड़ोसी के साथ भी कुछ ऐसा हुआ। जब उनके कोई रिश्‍तेदार घूमकर आए और उन्‍होंने फेसबुक पर अपनी ट्रिप की फोटोज़ लगाईं तो मानो मेरे पड़ोसियों का दिल जल-भुन गया और तुरंत उन्‍होंने भी अगले हफ्ते की ट्रेन बुक करवार अपनी ट्रिप का प्‍लान तैयार कर लिया।

इससे पता चलता है कि फेसबुक और व्‍हॉट्सऐप की बदौलत ही अब देश की टूरिज्‍म इंडस्‍ट्री दिल दूनी रात चौगुनी तरक्‍की कर रही है और आने वाले कई सालों में ये तरक्‍की और आगे बढ़ती जाएगी।

आपने भी कभी अपने किसी पड़ोसी या रिश्‍तेदार के साथ ऐसा होते हुए देखा ही होगा। आपके साथ खुद भी तो ऐसा कभी हुआ होगा जब किसी दोस्‍त या रिश्‍तेदार की फोटो फेसबुक पर देखकर आपका भी मन घूमने का किया होगा।

लड़कियों की बात करें तो जब वो सोशल साइट्स पर अपनी सहेलियों को उनके पति के साथ घूमते हुए या मौज लेते हुए देखती हैं तो उनका मन भी करता है कि काश उनकी भी अब शादी हो चुकी होती है और आज वो भी अपनी सहेलियों की तरह घूम रही होतीं। जी हां, ऐसा ख्‍याल तो हर उस शख्‍स के मन में आता होगा जिसकी शादी नहीं हुई है।

आप मानें या ना मानें लेकिन आपका भी मन दूसरों की ट्रिप की फोटोज़ देखकर ललचाया तो जरूर ही होगा। शायद ऐसा होना सामान्‍य है क्‍योंकि दूसरों को घूमते हुए देखकर मन में कहीं घूमने का ख्‍याल आता ही होगा।

इससे आप चिढ़ और जलन का नाम भी दे सकते हैं और दूसरों को देखकर घूमने फिरने की ललक उठना भी कह सकते हैं। वैसे शायद ऐसा होना लाजिमी है। आपके साथ ऐसा हो सकता है और आपको देखकर भी दूसरों को ऐसा लग सकता है। लेकिन इस खबर को पढ़ने के बाद एक चीज़ तो साफ हो ही गई है कि दुनिया की टूरिज्‍म इंडस्‍ट्री कहीं ना कहीं फेसबुक-वहॉट्सऐप जैसी सोशल साइट्स पर टिकी है।

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