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100 कौरवों और 5 पांडवों की इकलौती बहन के पति ने जब डाली थी द्रौपदी पर बुरी नज़र!

द्रौपदी पर बुरी नज़र

द्रौपदी पर बुरी नज़र – महाभारत की गाथा में पांडवों, कौरवों और द्रौपदी का जिक्र आपने कई बार सुना होगा लेकिन क्या आप पांडवों और कौरवों की इकलौती बहन के बारे में जानते हैं.

जी हां, हम हमेशा से यही सुनते आ रहे हैं कि महाभारत में 5 पांडव और 100 कौरव थे. लेकिन उनकी बहन के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं.

आखिर कौन थी 5 पांडवों और 100 कौरवों की इकलौती बहन और क्या हुआ था जब उसके पति ने द्रौपदी पर बुरी नज़र डाली थी.

द्रौपदी पर बुरी नज़र –

कौरवों और पांडवों की इकलौती बहन थी दुशाला

पांडवों और कौरवों की बहन दुशाला धृतराष्ट्र और गांधारी की बेटी थी. कहा जाता है कि वो बचपन से बड़े होने तक सभी की चहेती हुआ करती थी. सबकी दुलारी बहन होने के बावजूद शादी के बाद उसके जीवन में कई सारी मुसीबतें आनी शुरू हो गई.

दुशाला का विवाह सिंदु राज्य के राजा जयद्रथ से हुआ था. जयद्रथ को उसकी शूरवीरता के अलावा उसके दोहरे व्यक्तित्व के लिए भी जाना जाता था.

पति जयद्रथ के व्यहार से दुखी रहती थी दुशाला

कहा जाता है कि दुशाला के पति जयद्रथ कभी महिलाओं के साथ बहुत अच्छे से व्यवहार करते थे तो कभी इतनी हदें पार कर देते थे कि महिलाओं की नज़रों में उनकी छवि एक बुरे इंसान की बन जाती और जयद्रथ के इसी व्यवहार के चलते दुशाला उनसे काफी दुखी रहती थी.

लेकिन हद तो तब हो गई जब अपने इसी व्यवहार के कारण जयद्रथ ने उस वक्त अपनी सारी हदें पार कर दी और पांडवों की पत्नी द्रौपदी पर अपनी बुरी नजर डालते हुए उनका अपहरण कर लिया.

जयद्रथ ने द्रौपदी पर बुरी नज़र डाली और किया था द्रौपदी का अपहरण

कहा जाता है कि जब द्रौपदी के अपहरण की खबर पांडवों को लगी तो वो जयद्रथ की इस हरकत से काफी क्रोधित हुए और वो द्रौपदी को बचाने के लिए निकल पड़े.

जब पांडव जयद्रथ तक पहुंचे तो वो सभी मिलकर उसका सिर धड़ से अलग करना चाहते थे लेकिन तभी द्रौपदी ने उन्हें रोक दिया. द्रौपदी ने अपने पतियों को रोकते हुए कहा कि जयद्रथ उनकी बहन दुशाला के पति हैं अगर जयद्रथ की मृत्यु हो जाती है तो उनकी इकलौती बहन विधवा हो जाएगी.

द्रौपदी की बात सुनकर पांडवों ने जयद्रथ का वध तो नहीं किया लेकिन सजा के तौर पर उसका सिर गंजा करवा दिया.

अर्जुन ने किया था जयद्रथ का सिर धड़ से अलग

इस घटना के बाद जयद्रथ के मन में पांडवों से अपने अपमान का बदला लेने की भावना तेजी से बढ़ने लगी थी. कुछ समय बाद दुर्योधन ने जयद्रथ को अपनी सेना के साथ युद्ध में शामिल होने के लिए आमंत्रण भेजा.

जयद्रथ ने दुर्योधन के आमंत्रण को स्वीकार किया और युद्ध के लिए निकल पड़ा. युद्ध के दौरान जयद्रथ ने धोखे से अर्जुन के बेटे अभिमन्यु की हत्या कर दी. जिसके बाद अपने बेटे की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए अर्जुन ने श्रीकृष्ण की मदद से एक बार में ही जयद्रथ का सिर धड़ से अलग कर दिया.

गौरतलब है कि द्रौपदी पर बुरी नज़र वाले जयद्रथ को पांडवों ने सिर गंजा करके सजा दी थी लेकिन जब उसने युद्ध में अर्जुन के बेटे अभिमन्यु की हत्या कर दी तो अर्जुन ने अपने जीजा जयद्रथ का सिर धड़ से अलग करके अपनी बहन दुशाला को विधवा बना दिया.