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अब माँ की ज़रुरत नहीं| अप्राकृतिक गर्भ से जन्म लेंगे बच्चे!

इस तकनीक का फिलहाल इस्तेमाल किया जा रहा है समय से पूर्व पैदा हुए नवजात शिशुओं में पाये जाने वाले दोषों को ठीक करने के लिए| लेकिन यही तकनीक अब शोधकर्ताओं के काम आ रही है जिस से की वो यह पता लगा रहे हैं कि अगर भ्रूण का गर्भ से बाहर एक इनक्यूबेटर में विकास किया जाए तो क्या उसके फेफड़े ठीक से विकसित हो पाएंगे और अभी तक के नतीजे उत्साहजनक हैं|

पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर बायोएथिक्स के डायरेक्टर आर्थर एल कपलान का मानना है कि आने वाले दिनों में हम सभी बच्चों की जान बचा पाएंगे जिन में गर्भावस्था के पन्द्रवें-सोलवें हफ़्ते में समस्याएं पैदा हो जाती हैं| साइंस की इन्हीं नयी खोजों की मदद से, अगर माँ बच्चे को गर्भ में धारण नहीं करना चाहती, भ्रूण को इनक्यूबेटर में ही बड़ा किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा की नवजात शिशु सेहतमंद हो और उसे कोई बीमारी न हो|

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लेकिन क्या यह सही है? क्या प्रकृति के साथ यूँ खेलना हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ करना नहीं है? माना की अभी वक़्त है इन शोधों का वास्तविक रूप लेने में पर क्यों न हम कहीं एक लक्ष्मण रेखा खींच लें? एक इनक्यूबेटर के ज़रिये पैदा हुए बच्चे का माँ से क्या रिश्ता बन पायेगा, इसकी तो कल्पना भी नहीं की जा सकती|

आशा है की वैज्ञानिक मानवता कि भलाई के लिए सिर्फ वही करें जिस से की जीवन बेहतर हो| ज़िन्दगी और मौत की चाबी अपने हाथ में न लें!

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