राजनीति

आखिर कौन मारना चाहता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को?

आखिर कौन मारना चाहता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को?

मोदी की हत्या – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में कोई संदेह नहीं है, वो देश ही नहीं विदेशों में भी भारत की मज़बूत छवि बनाने में सफल रहे हैं, हां, मोदी सरकार के कुछ फैसले से लोगों को परेशानी हुई फिर भी जनता इसके विरोध में सड़कों पर नहीं उतरी, क्योंकि कहीं न कहीं मोदी पर उनका विश्वास बना हुआ है, लेकिन हाल ही में नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश के खुलासे ने सबको सकते में डाल दिया.

जनता हैरान-परेशान है कि आखिर कौन है जो नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहा है?

जब कोई इंसान ज़्यादा मशहूर हो जाता है तो उसके सौ दुश्मन पैदा हो जाते हैं, मोदी की हत्या की साजिश को भी इसी संदर्भ में देखा जा सकता है. हाल ही में कहा गया कि नक्सली प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रच रहे थे जिसे नाकाम कर दिया गया. इस मामले पर बहुत बवाल मचा. सत्ता पक्ष जहां मोदी की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहा वहीं विपक्ष ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया.

मोदी की हत्या

कुछ विपक्षी नेताओं के मुताबिक ये बे सिर पैर की बात है, कोई साजिश नहीं है, मोदी बस अपनी घटती लोकप्रियता से डरे हुए हैं इसलिए जनता की साहनुभूति बंटोरने के लिए ये चाल चली है. प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिसपर भी विपक्ष सवाल उठा चुका है, उसका कहना है कि पकड़े गए लोग नक्सली हैं भी या नहीं कौन जानता हैं?

कुल मिलाकर नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश का असली सच क्या है ये किसी को नहीं पता क्योंकि इस मामले में बहुत ज़्यादा आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. वैसे ये कोई पहली बार नहीं है जब नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रची गई है. इससे पहले भी ऐसा हो चुका है.

मोदी की हत्या

जहां तक प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश का सवाल है तो भारते में दो प्रधानमंत्री की हत्या साजिश के तहत हो चुकी है. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी. इंदिरा गांधी को उनके ही बॉडीगार्ड ने गोली मारी तो राजीव को मानव बम बनी महिला ने मार डाला. ऐसे में इस संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता कि कोई नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रह रहा हो.

मोदी की लोकप्रियता पूरी दुनिया में बढ़ी है, लेकिन ये बात भी सच है कि मुसलमान अब भी मोदी को कम ही पसंद करते हैं. इतना ही नहीं उनकी कुछ नीतियों से भी समाज का बड़ा तबका खफा है ऐसे में उनके दुश्मनों की संख्या अच्छी खासी हो सकती है.

उधर नक्सलियों की आत्मघाती हमले की साजिश के पर्दाफाश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को और भी कड़ा कर दिया गया है. दरअसल, कोरेगांव हिंसा में गिरफ्तारी के बाद नक्सलियों का एक पत्र सामने आया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश किये जाने की बात लिखी थी. महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस मामले में एक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई है. गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की रिपोर्ट मिल गई है.

रिपोर्ट मिलने के बाद राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. जिसमें सुरक्षा को और पुख्ता करने का निर्णय लिया गया.