राजनीति

मोदी के मज़ेदार और शानदार भाषण के पीछे होता है इन 4 लोगों का हाथ !

लोग जो मोदी का भाषण लिखते है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर अपने भाषणों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं.

उनका भाषण काफी मज़ेदार होता है, क्योंकि वो कई तरह के जुमले और चुटकुलों का इस्तेमाल करते हैं. अभी हाल ही में बेंगलुरु की चुनावी रैली में उन्होंने एक नया जुमला ‘टॉप (TOP)’ उछाला था. इसका मतलब है टमाटर, ऑनियन और पोटैटो. दरअसल, टॉप टमाटर, ऑनियन और पोटैटो शब्द के पहले अक्षरों को मिलाकर ये नया शब्द है. पीएम इससे पहले भी कई मौकों पर विरोधियों के खिलाफ तीखे जुमले का प्रयोग कर चुके हैं. मजेदार बात यह है कि उनके जुमले लोगों की जुबां पर चढ़ जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि ये जुमले क्या वाकई में नरेंद्र मोदी के दिमाग की उपज होती है और अचानक ही उनके दिमाग में आ जाते हैं, अगर आपको ऐसा लगता है तो हम बता दें कि ऐसा है नहीं.

दरअसल, उनके भाषण और जुमले तैयार करने के लिए एक पूरी टीम है, जो काफी रिसर्च के बाद ऐसे जुमले बनाती है और उनके भाषण को रोचक.

चलिए आपको बताते हैं लोग जो मोदी का भाषण लिखते है – कौन है नरेंद्र मोदी के हिट भाषणों को लिखने वाले लोग.

लोग जो मोदी का भाषण लिखते है –

१ – जगदीश ठक्कर, पीआरओ –

ये पीएम के पीआरओ हैं. मोदी जब सीएम थे, तब भी ठक्कर उनके पीआरओ थे. ये मोदी के काफी नजदीकी और भरोसेमंद लोगो में शामिल हैं.

२ – यश गांधी और नीरव के. शाह-  

दोनों गुजराती हैं और पीएमओ में रिसर्च ऑफिसर हैं. यश गांधी और नीरव के शाह पीएम के भाषणों से लेकर सभी विषयों पर रिसर्च इनपुट मुहैया कराते हैं. पीएम के ट्विटर और फेसबुक को यही दोनों देखते हैं.

३ –  हिरेन जोशी (ओएसडी-आईटी)-

यह पहले मीडियाकर्मी थे. अभी पीएम की कोर टीम में हैं. पीएम को ऐसे बिंदु देते हैं, जो जनता से जुड़े होते हैं और सुर्खियां बटोरते हैं.

४ –  प्रतीक दोषी (ओएसडी- रिसर्च एंड स्ट्रैटजी)-  

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से पढ़े हैं. 2007 में मोदी से जुड़े. मोदी सरकार के स्ट्रैटजिक इनिशिएटिव के लिए काम करते हैं. मोदी के भाषणों के लिए रिसर्च भी करते हैं.

चलिए आपको बताते हैं नरेंद्र मोदी के कुछ फेमस जुमले या एक्रोनिम

GST: गुड एंड सिंपल टैक्स और ग्रोइंग स्ट्रॉन्गर टुगेदर कहा.

SCAM: यूपी चुनाव के दौरान सपा, कांग्रेस, अखिलेश यादव और मायावती के नामों के पहले अक्षर को मिला स्कैम यानी घोटाला शब्द गढ़ा.

BHIM: भारत इंटरफेस फॉर मनी. डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर बना एप.

– VIKAS: यूपी चुनाव में ही मोदी ने विद्युत, कानून और सड़क को मिलाकर विकास बना दिया.

– ABCD: कांग्रेस पर तंज कसने के लिए आदर्श, बोफोर्स, कोयला और दामाद शब्द को मिलाकर एबीसीडी का ककहरा समझाया.

जब कभी मोदी सामने देख बोल रहे हों तो समझ लीजिए वह बिना पढ़े भाषण दे रहे है. मोदी भाषण के हर लिखे हुए बिंदु बोलें, ऐसा जरूरी नहीं है. उनके साथ टीम में काम करने का अनुभव साझा करने वाले एक युवा के मुताबिक, ‘मोदी जब सामने देखकर बोल रहे हों तो समझ लीजिए कि वह बिना पढ़े भाषण दे रहे हैं. उनके दाएं-बाएं देखने का मतलब कि वह टेलीप्रॉम्पटर पर देखकर भाषण दे रहे हैं.

ये है वो लोग जो मोदी का भाषण लिखते है – तो अब से आप भी नोटिस करिए की क्या मोदी जी अपने शब्द कह रहे हैं या फिर इन चार धुरंधरों कि लिखी स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं.

Kanchan Singh

Share
Published by
Kanchan Singh

Recent Posts

इंडियन प्रीमियर लीग 2023 में आरसीबी के जीतने की संभावनाएं

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) दुनिया में सबसे लोकप्रिय टी20 क्रिकेट लीग में से एक है,…

2 months ago

छोटी सोच व पैरो की मोच कभी आगे बढ़ने नही देती।

दुनिया मे सबसे ताकतवर चीज है हमारी सोच ! हम अपनी लाइफ में जैसा सोचते…

3 years ago

Solar Eclipse- Surya Grahan 2020, सूर्य ग्रहण 2020- Youngisthan

सूर्य ग्रहण 2020- सूर्य ग्रहण कब है, सूर्य ग्रहण कब लगेगा, आज सूर्य ग्रहण कितने…

3 years ago

कोरोना के लॉक डाउन में क्या है शराबियों का हाल?

कोरोना महामारी के कारण देश के देश बर्बाद हो रही हैं, इंडस्ट्रीज ठप पड़ी हुई…

3 years ago

क्या कोरोना की वजह से घट जाएगी आपकी सैलरी

दुनियाभर के 200 देश आज कोरोना संकट से जूंझ रहे हैं, इस बिमारी का असर…

3 years ago

संजय गांधी की मौत के पीछे की सच्चाई जानकर पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक जाएगी आपकी…

वैसे तो गांधी परिवार पूरे विश्व मे प्रसिद्ध है और उस परिवार के हर सदस्य…

3 years ago