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पंडित नेहरू जी की जगह, अगर देश के पहले प्रधानमंत्री भगत सिंह जी होते तो ???

  1. 1962 में क्या चीन हमारी ज़मीन ले पाता ?

भगत सिंह जी को अगर फ़ासी नहीं हुई होती और देश के वह प्रधानमंत्री बनते, तब क्या चीन हमारी जमीन ले पाता. क्या हिन्दू पवित्र स्थल मानसरोवर चीन के कब्जे में होता? क्या हमें वहां जाने के लिए, चीन से वीजा लेना पड़ता? चीन और भारत को लेकर यह कुछ सवाल हमेशा हमें, दर्द देते हैं.

लेकिन भगत सिंह अगर जिन्दा होते तो शायद 1962 की हमारी कहानी कुछ और ही होती. जिस व्यक्ति ने अंग्रेजों के झूठे अहंकार को तोड़ा था, वह चीन को भी आईना दिखा सकता था.

वर्ष 1962 में  भारत और चीन के बीच युद्ध के समय रक्षा मंत्री कृष्णमेनन थे और जवाहरलाल नेहरु देश सम्भालहे थे. रक्षा मंत्री कृष्णमेनन अधिकतर विदेश दौरों पर रहते थे, इन्हीं की सलाह पर फ़ौज में सैनिकों की भर्ती पर रोक लगा दी गयी थी. सेना के हथियारों में कटौती कर गयी थी. इसके बाद चीन ने भारत पर हमला कर दिया था.

हमारे प्रधानमंत्री जी ने हार के बाद बयान दिया था कि जो 43,180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अवैध रूप कब्ज़ा किया है, वह ज़मीन तो खराब है. वहां तो बर्फ है, वहां खेती भी नहीं हो सकती है.

क्या भगत सिंह ऐसा जवाब देश को देते? क्या भारत माँ की लाज के लिए भगत सिंह कुछ नहीं करते? जवाब आपको भी बहुत अच्छी तरह से पता है.

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