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हैवानियत से भी ज्यादा क्रूर थे इतिहास की इन क्रूरतम सभ्यताओं के लोग

इतिहास की सभ्यतायें – आजकल खबरें आती हैं कि किसी के फ्रीज में लाशें रखी हुई मिलती हैं तो किसी ने धारदार चाकू से एक व्यक्ति को घायल कर दिया। ऐसी ही डरा देने वाली ना जानें कितनी सारी घटनाएं आए दिन मीडिया में सुनने और पढ़ने को मिल जाती हैं। जिसे जानकर हमें लगता है कि आजकल इंसान कितना क्रूर होते जा रहा है।

लेकिन क्या सच में आज के जमाने में ही इंसान इतना क्रूर हुआ है?

नहीं। हमारी धरती पर ऐसी इतिहास की सभ्यतायें भी हो चुकी हैं जिनकी क्रूरता को देखकर हैवीनियत भी शर्मा जाएगी।

इतिहास की सभ्यतायें –

‘अपाचे’ सभ्यता

इतिहास की सभ्यतायें

‘अपाचे’ का अस्तित्व 14वीं और 15वीं शताब्दी के आसपास अमेरिका में आया था। यह बेहद कुशल योद्धा थे जो लकड़ी और हड्डियों से बने हथियारों से युद्ध करते थे। इनके पास किसी भी तरह के आधुनिक हथियार नहीं थे। लेकिन फिर भी ये दुश्मनों के छक्के उड़ा देते थे। जिसके कारण अपाचे लोगों को अमेरिकी निंजा भी कहा जाता था।

इन्हें आज भी दुनिया भर में लोग चाकू से लड़ने की अपनी बेहतरीन तकनीक के लिए जाना जाता है।

‘केल्टिक’ सभ्यता

इतिहास की सभ्यतायें

जिस तरह से अमेरिका में ‘अपाचे’ जाति का वर्चस्व था वैसे ही यूरोप में ‘केल्टिक’ नाम की एक सभ्यता का वर्चस्व था। केल्टिक सभ्यता के लोग अत्याधिक निर्दयी और क्रूर हुआ करते थे। इस सभ्यता के लोग जंग जीतने के बाद अपने दुश्मनों का सिर काट देते थे और प्रतीक के तौर पर सिर को अपने रथ पर टांग देते थे। इस कारण इन्हें हेड-हंटर्स के रूप में जाना जाता था।
इनकी सबसे बड़ी खासियत थी की ये दुश्मनों को चौंकाने के लिए ये निर्वस्त्र होकर युद्ध करते थे।

‘मंगोल’ सभ्यता

इतिहास की सभ्यतायें

‘मंगोल’ सभ्यता इतने अधिक क्रूर थे कि उससे तुर्क और मुगल भी डरते थे। ये व्यवहार से काफी खुंखार होते थे और दुश्मनों के साथ जंगली-जानवरों की तरह व्यवहार करते थे। ये इतने अधिक ताकतवर थे कि इन्होंने एशिया के साथ-साथ यूरोप पर एक साथ राज किया। ये कुशल घुड़सवार तो थे ही साथ ही उनका सरदार अपनी निर्दयता और बहादुरी के लिए जाना जाता था।
इनकी खासियत इनकी तीरंदाजी थी। कहा जाता है कि इनका निशाना कभी नहीं चूकता था और इन्होंने कोई लड़ाई नहीं हारी है। आधी जंग तो ये दुश्मनों को डरा कर ही जीत जाते थे।

‘माओरी’ सभ्यता

यह सभ्यता न्यूजीलैंड में रहती थी। माओरी लोगों को केनाबलिज्म यानि नरभक्षण के लिए जाना जाता था।1809 में माओरी हमले में बचे कुछ लोगों ने बताया था कि माओरी लोगों ने अपने एक साथी की मौत का बदला लेने के लिए उनके जहाज पर हमला किया और मारे गए बहुत से लोगों की लाशें खाने के लिए ले गए।

‘रोम’ सभ्यता

अंत में बात करते हैं दुनिया की सबसे महान सभ्यता की- ‘रोम’ सभ्यता। लोग मानते हैं कि यह सभ्यता महान इसलिए थी क्योंकि यह क्रूर ती और अपने दुश्मनों को मौत से भी ज्यादा भयानक सजा देती थी। रोमन साम्राज्य के लोग अपने गुलामों, दासों को तब तक एक-दूसरे से लड़वाते थे जब तक उन दोनों में से किसी एक की मौत ना हो जाए।

ये है इतिहास की सभ्यतायें – इस सभ्यता के लोग अपनी महफिल में रोशनी करने के लिए इंसान तक को जिंदा जला देते थे। इतिहास के सबसे क्रूर नामों में नीरो और कालीगुला रोमन ही थे। प्राचीन रोमन साम्राज्य 2,214 साल तक कायम रहा था।

तो कभी भी आपको आधुनिक सभ्यता का इंसान क्रूर लगे तो एक बार इन इतिहास की सभ्यतायें याद कर लीजिएगा।

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