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जानिए सबसे पहले किस महिला ने किया था बौद्ध धर्म को ग्रहण !

गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी

गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी – ये तो हम सभी जानते हैं कि बौद्ध  धर्म की शुरुआत गौतम बुद्ध ने की थी. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि बौद्ध धर्म को ग्रहण करने वाली पहली महिला कौन थी?

दरअसल, वो और कोई नहीं बल्कि गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी थी. गौतमी के बौद्ध  धर्म को ग्रहण करने के पीछे एक काफी दिल्चस्प कहानी है.

गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी

आइए आपको बताते हैं कि आखिर कैसे गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी ने बौद्ध धर्म को अपनाने का फैसला किया था –

धर्म ग्रहण करने से पहले गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी अपने नेत्र खोलकर बुद्ध की ओर निश्चल दृष्टि प्रसारित करते हुए बोलती हैं “स्वामी मैं स्वयं को आपके हाथों में भिक्षा के रूप में समर्पित करती हूँ”. आज तक मैं एक गृहिणी बन कर रही, इस समय मैं मानव मात्र के सेवा-धर्म के लिए अर्पित एक परिव्राजिका हूँ. आप के चरण-चिह्नों पर चलते हुए जीवन-यापन करना मेरा धर्म है. इसलिए आप कृपया नारी समाज के लिए भी बौद्ध संध में समुचित स्थान प्रदान कीजिए. यह निवेदन करके भक्तिपूर्वक गौतमी ने भगवान बुद्ध के चरणो में प्रणाम किया. इस प्रकार गौतमी बज्ञैद्ध धर्म को स्वीकार करने वाली प्रथम महिला थी.

गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी

इसके बाद आनन्दाश्रु बहाते हुए बुद्ध की भगवान के रूप में आराधना करने वाले भक्ति भाव से हाथ जोड़ कर खडे हुए चेन्ना को बुद्ध ने देखा और वात्सल्यपूर्वक अपने आलिंगन में लेने को आगे बढे. तब चेन्ना झुककर बुद्ध को प्रणाम करने लगा. उसको रोकते हुए बुद्ध बोले “चेन्ना चाहे कोई मनुष्य कितना भी महान बने पर छोटों का ही बड़ों को आदर करना चाहिए, उनकी पूजा करनी चाहिए.

इस समय तुम मेरे लिए पूजनीय हो. मुझे इस कपिलवस्तु नगर से विशाल विश्व में प्रवेश कराने वाले पुण्यात्मा तुम ही हो. तुम्ही ने मेरे अंदर ज्ञानोदय किया. तुम्ही ने मुझे राजमहल के बाहर की दुनिया से परिचय करवाया. मैं तुम्हारा बहुत आभारी हूं. मैंने सत्य व धर्म का ज्ञान प्राप्त किया, इस आधार पर कोई मुझे भगवान माने यह मैं पसंद नहीं करता.

गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी

किसी व्यक्ति की आराधना अनुचित है, भगवान मानने की भावना भी कुछ ऐसी है. सबसे मुख्य बात तो मानव धर्म का आचरण करना है. बुद्ध के वचन सुनकर अभ्यर्थना के स्वर में चेन्ना बोले “बुद्ध भगवान शब्दों के कहने और मानने में ही हमे संतुष्टि प्राप्त होती है. इसी भावना के कारण धर्माचरण तथा संघ-सेवा के प्रति हमारे हृदय के अंदर अकुंठित भक्ति एंव विश्वास पैदा हो रहे हैं. इसलिए भगवान मान कर आपकी आराधना करने की मेरी भावना को आप मत रोकिये”. इस तरह चेन्ना ने भगवान बुद्ध को अपनी आराधना पर विश्वास दिलाया और कहा कि हर व्यक्ति को हक है आपको भगवान मानकर पूजने का.

तो दोस्तों अब तो आप जान ही चुके होंगे कि गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी ही वह पहली महिला थी जिन्होंने बौद्ध धर्म को ग्रहण किया था. आपको बता दें कि गौतम बुद्ध की धर्म पत्नी गौतमी को यशोधरा नाम से भी जाना जाता है और आगे चल कर वह एक भिखुन्नी बन गई थी. दरअसल, भिखुन्नी किसी धर्म को अपनाने के बाद की महिला को कहा जाता है जो उस धर्म का पालन भी करती है और उस पर आंच आने से भी उसे बचाती है.

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