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भगवान बुद्ध के ये 5 वचन जो है सुखी जीवन की निशानी!

भगवान बुद्ध के वचन

भगवान बुद्ध और बौद्ध धर्म के बारे में ऐसा कहा जाता है कि दुनिया का ऐसा कोई हिस्सा नहीं बचा है जहाँ पर बौद्ध भिक्षुओं के कदम ना पड़े हो।

वहीं इतिहास भी गवाह है कि दुनियाभर के हर इलाके से खुदाई में भगवान बुद्ध की प्रतिमा निकलना बुद्ध के होने का सबूत है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भगवान बुद्ध आज भी दुनिया के लिए एक रहस्य ही है, क्योंकि जिस तरह भगवान बुद्ध ने चेतना के शिखर को छुआ है वैसा आज तक किसी ने नहीं किया है।

आपको बता दें कि बुद्ध का पूरा जीवन ही सत्य की खोज और निर्वाण को पा लेने में लग गया।

उन्होंने मानव मनोविज्ञान और दुःख के हर पहलु पर बात की है और सुख को पा लेने के कई समाधान भी दिए है।

आज हम भगवान बुद्ध के वचन को आपके सामने ढूंढकर लाये है जो सुखी जीवन जीने की निशानी है। इन वचनों को अपनी जिंदगी में आत्मसात कर लेने से आपको सुख की प्राप्ति होगी।

ये है भगवान बुद्ध के वचन जो सुखी जीवन की निशानी है –

1.  जो बीत गया है उसकी परवाह नहीं करना चाहिए, जो आने वाला है उसके सपने भी नहीं देखना चाहिए, बस अपना ध्यान वर्तमान पर ही लगाना चहिये।

2.  दुनिया पर नहीं बल्कि अपने खुद के ऊपर विजय प्राप्त करने वाला व्यक्ति इस दुनिया का सबसे विजयी व्यक्ति है।

3.  जीभ एक तलवार से भी खतनाक है, क्योंकि जब ये चलती है तो बिना खून निकाले ही मार देती है।

4.  झूठ इस दुनिया का सबसे बड़ा पाप है, झूठ की थैली में अन्य सभी पाप समा सकते है। झूठ को छोड़ दो तो तुम्हारे अन्दर के सभी पापकर्म धीरे-धीरे स्वतः ही छूट जायेंगे।

5.  वही काम करना ठीक है जिसे करने के बाद पछताना ना पड़े, और जिसके फल को प्रसन्न मन से भोग सके।

ये है भगवान बुद्ध के वचन – भगवान बुद्ध के ये पांच वचन सुखी जीवन की निशानी है, इन वचनों को अपनी जिंदगी में एक बार अवश्य अपनाकर देखे।

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