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यादगार बन गए फीफा वर्ल्ड कप के ये 5 रिकॉर्ड

फीफा वर्ल्ड कप के रिकॉर्ड – फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी फ्रांस ले गया और विश्वकप का समापन भी हो गया, मगर इस विश्वकप में कई ऐसे रिकॉर्ड बने जिसे दुनिया हमेशा याद रहेगी.

दुनिया के छोटे से देश क्रोएशिया ने अपने खेल से तो सबको हैरान किया ही इसके अलावा भी कई वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बने.

फीफा वर्ल्ड कप के रिकॉर्ड –

१ – ढेर सारे गोल्स

फीफा वर्ल्ड कप में कुल 64 मैच हुए, जिनमें सभी टीमों ने मिलाकर 169 गोल्स दागे. सिर्फ एक मैच ऐसा था जिसमें कोई गोल नहीं हुआ. इस तरह हर मैच में गोल्स का औसत 2.6 रहा.

२ – ज्यादा पेनाल्टी

विडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) सिस्टम की वजह से इस वर्ल्ड कप में अबतक सबसे ज्यादा पेनाल्टी (29) हुईं. इससे पहले तक 2002 में सबसे ज्यादा पेनाल्टी हुई थीं, लेकिन इस बार की पेनाल्टी उससे पूरी 11 ज्यादा थीं. पेनाल्टी का सबसे ज्यादा फायदा इंग्लैंड के हैरी केन ने उठाया, उन्होंने कुल 6 गोल किए थे, जिनमें से 3 पेनाल्टी के जरिए हुए.

३ – सबसे युवा और सबसे बुजुर्ग का कॉम्बिनेशन

फ्रांस के एमबापे (19 साल) में वर्ल्ड कप में गोल कर इतिहास रच दिया. ब्राजील के खिलाड़ी पेले (1958) के बाद ऐसा करनेवाले वह पहले कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं. पेले ने 17 साल की उम्र में वर्ल्ड कप में गोल किया था. दूसरी तरफ मिस्र के गोलकीपर इसाम इल हैदरी (45 साल) वर्ल्ड कप खेलनेवाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन रहे.

४ – क्रोएशिया ने जीता दिल

क्षेत्रफल में हिमाचल प्रदेश जितने बड़े क्रोएशिया की जनसंख्या सिर्फ 40 लाख है. बावजूद इसके वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा. 68 साल बाद कोई इतना छोटा देश वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा था. इससे पहले 1950 में उरुग्वे ऐसा कर चुका है.

५ – सबसे कम रेड कार्ड

वीएआर सिस्टम की वजह से खिलाड़ियों ने नियमों को न तोड़ने में ही भलाई समझी. हिंसक आचरण के लिए इस वर्ल्ड कप में किसी को रेड कार्ड नहीं दिखाया गया, हां 4 को बेदखल जरूर किया गया वर्ल्ड कप के 40 साल के इतिहास में पहली बार इतने कम रेड कार्ड मिले.

ये है फीफा वर्ल्ड कप के रिकॉर्ड – इस विश्वकप में साफ सुथरा और शानदार खेल देखने को मिला. नई टीमों के शानदार प्रदर्शन ने फीफा विश्वकप को खास बना दिया. फ्रांस के विजेता बनने का बावजूद लोग क्रोएशिया को भूल नहीं पाएंगे.

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