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इन फीलिंग्स को सच्चा प्यार करने वाले ही महसूस कर पाते हैं

प्यार का एहसास

प्यार का एहसास – प्‍यार एक ऐसा अहसास है जो एक बार हो जाए तो दुनिया खूबसूरत लगने लगती है।

प्‍यार में पड़ने के बाद हमारे साथ काफी कुछ ऐसा होता है जो हमने पहले कभी महसूस नहीं किया होता। आपकी लाइफ में भी कभी कोई ऐसा रहा होगा जिससे आपने खुद से भी ज्‍यादा प्‍यार किया हो।

जब हमें किसी से प्‍यार होता है तो हमें उसकी सामान्‍य सी बातें भी खास लगने लगती हैं और उसके साथ बिताया हर पल यादगार हो जाता है।

आज हम आपको इस आर्टिकल के ज़रिए बता रहे हैं कि प्यार का एहसास कैसा होता है जो कि सिंगल लोग नहीं समझ पाते हैं।

प्यार का एहसास –

– ऐसा जरूरी नहीं है कि हर बात बोलकर ही बताई जाए, प्‍यार में तो आंखों की भाषा चलती है। अगर आपका साथी बोरिंग बातों पर भी खुशी से प्रतिक्रिया दे तो समझ लें कि वो आपसे दिलो-जान से प्‍यार करते हैं। उसे देखते ही आपके चेहरे पर अजीब सी खुशी आ जाती है और जब आप उसको इस तरह देखते हैं तो वो शरमा कर अपने चेहरे को छिपा लेती है। प्‍यार ये सब होना नॉर्मल बात होती है लेकिन ऐसी फीलिंग्‍स आपको किसी से प्‍यार करने के बाद ही महसूस होती है।

– प्‍यार में पड़ने के बाद लोग अपने पार्टनर को छिप-छिप कर देखना पसंद करते हैं। ज़रा आप भी अपने गर्लफ्रेंड या ब्‍वॉयफ्रेंड से पूछकर देखना कि जब तक आपकी जोड़ी नहीं बनी थी क्‍या वो भी आपको छिपकर देखा करते थे। प्‍यार में दूर से एक-दूसरे को निहारकर मन ही मन मुस्‍कुराना कोई इनसे सीखे।

– किसी बात की खुशी होने पर भागकर गले लगाकर खुशी का इज़हार करना, ऐसा करने पर क्‍या आपके दिल की धड़कन जोरों से धड़कने लगती होगी। अपने प्‍यार से मिलने के सौ बहाने ढूंढना, अगर वो किसी दूसरी क्‍लास में है तो रात को ये दुआ मांगना कि काश सुबह उसका रोशन सा चेहरा दिख जाए तो पूरा दिन बन जाएगा।

– प्‍यार का इज़हार करने के बाद घंटों तक एक-दूसरे को निहारते रहना और उसके बाद भी मन का ना भरना। आंखों से सामने से चेहरा हटने पर बेचैन हो जाना। जब भी मिले आपको देखकर मुस्‍कुराए और उसके ऐसा करने पर भी आपकी हंसी छूट जाए।

ऐसा होता है प्यार का एहसास – कुछ ऐसा होता है प्‍यार जिसमें बस आप डूबते चले जाते हैं। ऐसी खुशी वैसे ज्‍यादातर पहले प्‍यार में ज्‍यादा होती है जहां सब कुछ गुलाबी सा लगने लगता है और आपको हर चीज़ खूबसूरत नज़र आती है। अकसर लोग पहले प्‍यार में इतने दीवाने हो जाते हैं कि घंटों एक-दूसरे को निहारना या फोन पर बात करते रहते हैं। ऐसा अमूमन स्‍कूल या कॉलेज टाइम पर होता है क्‍योंकि नौकरी की उम्र आते-आते तो हम काफी मैच्‍योर हो चुके होते हैं और तब तक ये सब बातें बचकानी लगती हैं लेकिन बाली उम्र में इन सब चीज़ों को सोचकर ही मन खुश हो जाता है। ऑफिस में होने वाला प्‍यार भी उम्र के साथ थोड़ा मैच्‍योर हो जाता है।

अगर आपको भी अपनी लाइफ में ऐसी किसी फीलिंग का अहसास हुआ है तो नीचे कमेंट करके हमें जरूर बताएं।

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