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किस्सा मिस्र के तूतनखामेन की रहस्यमयी कब्र का

तूतनखामेन

तूतनखामेन – राजा, महाराजाओं, बादशाहों और महान शासकों के ममी को लेकर पश्चिमी देशों में कई तरह के किस्से और कहानियां हमेशा चलन में रहे है।

इतना ही नहीं इन किस्सें और कहानियों को लेकर कई फिल्में भी बनाई गई हैं। इन किस्सों को लेकर जब भी कोई रिसर्च और खोजबीन चलती है, तब इनकी कई तरह की परतें दर परते खुलकर सामने आती हैं और कई बार तो कई ऐसे बड़े खुलासे होते है, जो बेहद चौंका देने वाले होते है।

मिस्र के पिरामिड और ममी में हमेशा से दुनिया भर की खासा दिलचस्पी रही है।

इन्हें लेकर तमाम तरह के किस्से-कहानियां चलन में है। हाल ही में प्राचीन मिस्र के राजा तूतनखामेन को लेकर एक नई खोज की गई। जिसके मुताबिक मिस्र के अधिकारियों ने एक चौकाने वाला खुलासा किया है। अधिकारियों ने अपनी इस नई रिसर्च के बाद कहा कि तूतनखामेन के मकबरे में कोई गुप्त कमरा नहीं है, जोकि इससे पहले की रिसर्च के दौरान यह कहा गया था कि तूतनखामेन के मकबरे में एक गुप्त कमरा है।

तूतनखामेन

गुप्त कमरे मां की कब्र का राज

उनको लेकर इससे पहले मिस्र के अधिकारी ये दावा करते रहे है कि इस युवा राजा के 3000 साल पुराने मकबरे की दीवार के पीछे एक गुप्त कमरा है। इसके अलावा यह भी कहा गया कि उनके मकबरे में एक गुप्त चेंबर भी है जिसमें रानी नेफरतीती का मकबरा हो सकता है। नेफरतीती को लेकर लोगों का यही मानना है कि वह तूतनखामेन की मां थी। इस छिपे हुए मकबरे को खोजने का काम तब शुरू हुआ था, जब ब्रिटिश पुरातत्वविद निकोलस रीवेस को प्लास्टर के नीचे दरवाजा होने के कई सबूत मिले थे। निकोलस को मिले इन सबूतों के आधार पर इस रिसर्च को आगे बढ़ाया गया। साल 2015 में छपे निकोलस रीवेस के रिसर्च पेपर ‘द बुरियल ऑफ नेफरतीती’ के मुताबिक रानी नेफरतीती के लिए एक छोटा मकबरा बनाया गया था और उनके अवशेष भी इसी मकबरे के अंदर हो सकते है। नेफरतीती के अवशेष कभी मिले नहीं, लेकिन उन्हें लेकर उनके बारे में जानने की जिज्ञासा के चलते उन पर रिसर्च हमेशा जारी रहती है।

तूतनखामेन

रहस्य कब्र का

तूतनखामेन प्राचीन मिस्र के 18वें राजवंश के 11वें राजा थे। तूतनखामेन को इतनी प्रसिद्धी अपने जीते जी नहीं मिली, जितनी की मरने करे बाद। इनकी शोहरत (प्रसिद्धि) इस बात को लेकर ज्यादा थी कि तूतनखामेन की कब्र 3000 वर्ष बाद भी सही सलामत मिली थी। आपको बतां दे कि तूतनखामेन ने मजह 9 साल की उम्र में ही अपने मिस्र की गद्दी का पदभार संभाल लिया था।

तूतनखामेन

साल 1922 में ब्रिटिश पुरात्तवविद होवार्ड कार्टर ने उनके मकबरे की खोज की। खोज के दौरान मिले तूतनखामेन के ममी से पता चला कि मौत के समय उनकी उम्र महज 17 साल की थी। तूतनखानेन की मौत को लेकर कई तरह के किस्से सुनाये जाते है। कोई कहता है कि उनकी हत्या की गई थी, तो कोई कहता है कि शिकार के दौरान घायल होने से उनकी मौत हुई। इसके अलावा भी कई किस्से है जिन्हें तूतनखामेन की मौत से जोड़ा जाता है। फिलहाल तूतनखामेन की मौत को लेकर अब तक कोई सटीक खुलासा नहीं किया गया है।

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