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मुंबई में लोगों के लिए घर नहीं, मगर टाटा ग्रुप ने बनवाया कुत्तों के लिए खास घर

कुत्तों के लिए घर

कुत्तों के लिए घर – रतन टाटा जितने सफल बिज़नेसमैन हैं उतने ही नेकदिल और दयालु इंसान भी हैं.

रतन टाटा को कुत्तों से खास लगाव है तभी तो मायानगरी में जहा लोगों के मुश्किल से सिर छुपाने की जगह मिल पाती है, टाटा ने कुत्तों के लिए घर बनाया है, और वो भी बॉम्बे हाउस में.

बॉम्बे हाउस टाटा का हेडक्वार्टर है और इसकी इमरात 94 साल पुरानी है जिसे हाल ही में रिनोवेट करवाया गया है. जेआरडी टाटा की 114वीं जयंती के मौके पर इसके ऑफिस का इनॉगरेशन हुआ, मगर बॉम्बे हाउस के खुलते ही लोग हैरान रह गए, क्योंकि यहां शहर के आवारा कुत्तों के रहने के लिए खास इंतज़ाम किए गए हैं और बॉम्बे हाउस के एक कमरे में अब ये कुत्ते रहेंगे.

टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को हमेशा से ही कुत्तों के बहुत प्यार रहा है, शायद यही वजह है कि टाटा ग्रुप के हेडक्वार्टर बॉम्बे हाउस में उन्होंने कुत्तों के लिए नया घर तैयार किया है.

आपको बता दें कि बॉम्बे हाउस में कई सालों से आवारा कुत्ते रह रहे थे. ये कुत्ते अक्सर रिसेप्शन एरिया में दिखाई देते थे. सिक्योरिटी गार्ड के केबिन में भी कुत्ते सोते थे, लेकिन, अब उन्हें अपना नया घर दिया गया है. बॉम्बे हाउस में कुत्तों के लिए अलग से कमरा डिजाइन किया गया है. केनेल ( कुत्तों के लिए घर ) का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें कुत्ते अपनी मर्जी से आ सकते हैं और जा सकते हैं. इतना ही नहीं यहां उन्हें लग्जरी सुविधाएं भी मिलेंगी. कमरे में कुत्तों के खिलौने, डॉग बिस्किट और ताज होटल के किचन से रोजाना उबले हुए मीट की भी व्यवस्था की गई है.

टाटा ग्रुप के इस कदम की सोशल मीडिया पर भी खूब सराहना हो रही है. बॉम्बे हाउस में बने केनेल में अभी आठ कुत्ते रहते हैं. हैरानी की बात तो ये है कि इन कुत्तों के नाम भी रखे गए हैं. जानवरों के लिए काम करने वाला एक एनजीओ कुत्तों की सेहत की भी जांच करेगा. एक पशु प्रेमी NGO ने फेसबुक पर कुत्तों के नए कमरे की तस्वीर शेयर की है.

आज के दौर में जहां लोगों को इंसान से हमदर्दी नहीं रह गई और मुश्किल में किसी इंसान को देखकर भी लोग मुंह मोड़कर चले जाते हैं, ऐसे में टाटा ग्रुप के कुत्तों के लिए घर से इंसानियत पर लोगों का विश्वास कायम रहेगा. टाटा के इस कदम की सोशल मीडिया पर भी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं.