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इस ब्रेस्‍ट फीडिंग वीक जानिए स्तनपान करवाने के फायदे !

अगस्‍त की पहली तारीख यानि 1 अगस्‍त से ब्रेस्‍ट फीडिंग वीक शुरु हो चुका है और ये 7 अगस्‍त तक मनाया जाएगा। आज पूरी दुनिया में लोग इस वीक को मनाते हैं। आपको बता दें कि ब्रेस्‍ट फीडिंग का मतलब है मां का अपने बच्‍चे को स्‍तनपान करवाना।

आइए जान लेते हैं ब्रेस्‍टफीडिंग वीक से जुड़ी कुछ बातें :

क्‍यों मनाया जाता है ब्रेस्‍ट फीडिंग वीक

इस वीक को इसलिए मनाया जाता है ताकि औरतों को ब्रेस्‍ट फीडिंग के लिए जागरूक किया जा सके। अकसर महिलाएं अपने बच्‍चे के जन्‍म के बाद स्‍तनपान नहीं करवाती हैं, इसी वजह से ये वीक मनाया जाता है ताकि उन्‍हें इसके फायदों के बारे में बताया जा सके।

बच्‍चे के लिए क्‍यों जरूरी है ब्रेस्‍ट फीडिंग

जन्‍म के बाद शिशु को सिर्फ मां के दूध की जरूरत होती है। वो इतना छोटा होता है कि और कुछ पचाने की क्षमता उसमें नहीं होती है। बच्‍चे के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है। शिशु के जन्‍म के बाद 6 महीने तक सिर्फ मां के दूध पर ही बच्‍चा निर्भर रहता है। ब्रेस्‍ट फीडिंग से ही बच्‍चे का शारीरिक विकास होता है।

कब छुड़वानी चाहिए ब्रेस्‍ट फीडिंग

जन्‍म के बाद बच्‍चे को 6 महीने से लेकर डेढ़ साल तक स्‍तनपान करवाना चाहिए। इससे ज्‍यादा दूध पिलाने से औरतों के शरीर पर बुरा असर पड़ता है। इतने समय के बाद महिलाओं के स्‍तन में दूध आना बंद हो जाता है।

आइए अब जान लेते हैं कि स्‍तनपान करवाने से क्‍या फायदे होते हैं।

  • मां का दूध पीने से बच्‍चे की हड्डियां मजबूत होती हैं। इससे उसे सारे विटामिंस और प्रोटीन मिल जाते हैं। साथ ही दूध में मौजूद पोषक तत्‍व बच्‍चों को हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करते हैं। मां का दूध बच्‍चों को बीमारियों से भी बचाता है।
  • मां के दूध से बच्‍चे का दिमागी विकास होता है। इससे बच्‍चे की सोचने समझने की क्षमता भी बढ़ती है। इंटेलिजेंट बच्‍चा पाने के लिए उसे स्‍तनपान जरूर करवाएं।
  • मां के दूध में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो बच्‍चे की एलर्जी से सुरक्षा करते हैं। बच्‍चे के इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करने के लिए उसे कम से कम 6 महीने की उम्र तक ब्रेस्‍ट फीडिंग जरूर करवाएं।
  • कहते हैं कि जो बच्‍चे मां का दूध पीते हैं उनमें आगे चलकर मोटापे का खतरा कम रहता है। जितने ज्‍यादा समय  तक मां का दूध मिलेगा उतने ज्‍यादा ही बच्‍चे आगे चलकर फिट रहेंगें।
  • इसके अलावा मां का दूध बच्‍चों को टाइप 1, टाइप 2 डायबिटीज़, कोलेस्‍ट्रॉल और आंत संबंधित बीमारियों से भी बचाता है।

अब तो आप जान गए ना कि मां का दूध बच्‍चे के लिए कितना जरूरी होता है। स्‍तनपान करवाने से ना केवल बच्‍चे को स्‍वास्‍थ्‍य लाभ मिलते हैं बल्कि इससे मां की सेहत भी दुरुस्‍त रहती है। स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं में ब्रेस्‍ट कैंसर समेत और कई तरह के कैंसरों का खतरा कम हो जाता है।

इन्‍हीं फायदों के बारे में बताने के लिए 1 अगस्‍त से लेकर 7 अगस्‍त तक ब्रेस्‍ट फीडिंग वीक मनाया जा रहा है ताकि लोगों में स्‍तनपान के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके और इसके फायदों के बारे में बताया जा सके ।

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