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कैंसरे से बचने के लिए दुनियाभर में मशहूर है भारत का ये देसी और सस्ता नुस्‍खा !

कैन्सर का उपाय

कैन्सर का उपाय – भारत की धरती पर आयुर्वेद को माना जाता है जबकि एलोपैथी पद्धति विदेशी है। आयुर्वेद के अनुसार भारत में मौजूद ऐसी कई प्राकृतिक चीज़ें हैं जिनसे कई घातक बीमारियों का ईलाज संभव है।

कुछ ही महीनों पहले बॉलीवुड एक्‍टर इरफान खान के भयंकर कैंसर से पीडित होने की खबरें सामने आईं थीं और अब खबर मिली है कि सोनाली बेंद्रे भी बड़ी तेजी से फैलने वाले कैंसर से ग्रस्‍त हैं।

दोस्‍तों, जब इतने पैसे वाले, फिटनेस का ध्‍यान रखने वाले और अपने खाने-पीने पर खूब खर्चा करने वाले लोगों को कैंसर अपनी शिकस्‍त में ले सकता है तो हम आम इंसान जिनके पास अपनी सेहत का ध्‍यान रखने के लिए ना तो पैसा है ना ही समय, उन्‍हें कैंसर कितनी बुरी तरह से परेशान कर सकता है।

बॉलीवुड सितारों के कैंसर से पीडित होने की खबर सुनकर आपके मन भी ख्‍याल आया होगा कि ऐसा क्‍या सस्‍ता और असरकारी तरीका है जिससे इस खतरनाक बीमारी से बचा जा सकता है।

आज इस पोस्‍ट के ज़रिए हम आपको भारत में मौजूद एक ऐसे कैन्सर का उपाय,  देसी नुस्‍खे के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको कैंसर से बचा सकता है

कैन्सर का उपाय गाय का पेशाब

आयुर्वेद में इसका प्रयोग कई रोगों के ईलाज के लिए किया जाता है। कुछ वैज्ञानिक का दावा है कि गौमूत्र से मुंह, फेफडों, किडनी, त्‍वचा, सर्विक्‍स और ब्रेस्‍ट कैंसर का ईलाज संभव है। इस रिसर्च से जुड़े अन्‍य सदस्‍य का कहना है कि कीमोथेरेपी हैल्‍दी सेल्‍स को भी नष्‍ट कर देती है जबकि गौ मूत्र सिर्फ संक्रमित कोशिकाओं को ही खत्‍म करता है।

गाय की रासायनिक संरचना क्या है?

गाय के मूत्र में कैल्शियम, आयरन, फास्‍फोरस, पोटाशियम, कार्बोनिक एसिड, नाइट्रोजन, मैंगनीज़, सल्‍फर, अमोनिया, फास्‍फेट, यूरिया, अमीनो एसिड एंजाइम्‍स, यूरिक एसिड, साइटोकिन और लैक्‍टोज़ होता है। गाय के मूत्र में 95 प्रतिशत पानी के साथ 2.5 पर्सेंट यूरिया, खनिक, 2.5 प्रतिशत एंजाइम्‍स, हार्मोंस और 24 तरह के नमक मौजूद होते हैं।

आइए जानते हैं कैन्सर का उपाय गौ मूत्र के औषधीय गुणों के बारे में :

  • इसमें तेज एंटीमाइक्रोबियल शक्‍ति होती है जोकि ई कोलि, साल्‍मोनेला टाइफी, प्रोटिअस वल्‍गैरिस, एस ओरिअस, बैकिलस सेरिअस और स्‍टैफिलोकोकस एपिडर्मिस जैसे पेथोजन को रोकता है।
  • गौ मूत्र डैंड्रफ के ईलाज में नीम की पत्तियों और नीबू के रस से ज्‍यादा असरकारी होता है।
  • गौ मूत्र का एक फायदा ये भी है इसकी प्रकृति एंटीसेप्टिक होती है। घाव के ऊपर गौ मूत्र लगाने से वो जल्‍दी भर जाता है।
  • गौ मूत्र से शरीर के इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूती मिलती है और वो कई तरह के रोगों से लड़ने में सक्षम हो पाता है।
  • बायोएनहैंसर का मतलब है एक पदार्थ जो एक साथ मिश्रित होने पर किसी अन्य पदार्थ की दक्षता में वृद्धि करने में सक्षम है। जैसे कि दूध और हल्‍दी। आयुर्वेद में गौ मूत्र को एकमात्र ऐसा पशु उत्‍पाद बताया गया है।

ये है कैन्सर का उपाय –  ये बहुत असरकारी और सस्‍ता नुस्‍खा है जिसे गरीब लोग भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। अगर आप रोज़ गौ मूत्र का सेवन करें तो कैंसर के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों से बच सकते हैं। मार्केट में कई कंपनियां गौ मूत्र पैक करके बेचती हैं। ये परिष्‍कृत और शुद्ध होता है इसिलए आप इनका प्रयोग कर सकते हैं।

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