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कंबल बेचकर कारपेंटर से बन गया करोड़पति !

लॉरेन थॉमेस

लॉरेन थॉमेस – क्या… पागल तो नहीं हो गए? भला कंबल बेचकर कोई करोडपति कैसे हो सकता है?

ठीक ऐसे ही सवाल हमारे मन में भी उठा था जब हमने ये सुना. लेकिन ये सच है. इस दुनिया में कुछ भी हो सकता है. कभी भी कोई फलक से ज़मीन पर आ सकता है और कोई आसमान की बुलंदियों को छू सकता है.

इसे ही जीवन कहते हैं. इसी जीवन में ये सब होता है. देखते ही देखते कई लोग आँखों के सामने रोड पर आ जाते हैं और कई भिखारी रोड से उठकर अपना बंगला बनवा लेते हैं. इसे कहते हैं किस्मत और कर्म.

यही किस्मत और कर्म एक ऐसे इंसान का साथ थी कि उसे कुछ ही पल में करोडपति बना दी. सुनकर भले ही हैरानी हो रही हो, लेकिन ये सच है. इसी दुनिया की कहानी है ये. हमारे और आप  जैसा ही इंसान जो पहले मामूली सा आम इंसान था, लेकिन किस्मत ने उसे मिनटों में ज़मीन से उठाकर फलक पर बिठा दिया.

कहते हैं कि किस्मत और कर्म के बीच कोई भी नहीं आ सकता. ये कहानी सच होती है कैलिफोर्निया के एक ऐसे इंसान की, जिसे लोग शायद ही कभी ध्यान से देखे होंगे. लॉरेन थॉमेस कैलिफ़ोर्निया में कारपेंटर थे. हमारी आम भाषा में उसे बढ़इ कहते हैं. वाही जो लकड़ी का काम करता है. ये कहानी है लॉरेन थॉमेस की जो अपने मन मर्ज़ी के मालिक थे. जब जहां जैसी मर्ज़ी होती काम करने लग जाते. जितना कमाते उससे बड़ी मुश्किल से उनका गुज़ारा हो पाता. एक दिन हुआ यूं कि उनकी ज़िंदगी में बड़ा बवाल मचा. एक सड़क दुर्घटना में उनका पैर चला गया. एक आदमी जिसकी कमाई पहले से कम हो उसकी ज़िंदगी में कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए तो क्या न आफ़त आ जाए. लॉरेन थॉमेस बुरी तरह ग़रीबी के पचड़े में पड़ गए. अब इसे किस्मत का कैसा खेल कहें कि गरीबी में और भी गरीबी आ गई.

एक दिन घर में बैठे लॉरेन थॉमेस टीवी देख रहे थे तभी उन्होंने देखा की टीवी पर एक अजीब सा शो आ रहा है जिसमें लोग अपने पास राखी antic चीज़ों का प्रदर्शन कर रहे हैं. शो के होस्ट एक कंबल दिखा रहे थे जिसकी क़ीमत थी 31 करोड़ रुपए. लॉरेन ने जैसे ही टीवी पर कंबल देखा उन्हें अपने घर में पड़े एक कंबल की याद आ गई. ये कंबल उनका ख़ानदानी कंबल था. वो कोई साधारण कंबल नहीं था. 18वीं शताब्दी में अमेरिका में एक आदिवासियों का क़बीला था नवाज़ो. जैसा कंबल ये समुदाय बनाता था वैसा कंबल हर कोई नहीं बना पाता था. ये कंबल अपने अनोखे बुनकरी की वजह से दुनियाभर में बहुत मशहूर है. दौ सौ साल पुराना कंबल जिसके घर मिल जाए उसके क्या कहने. लॉरेन पुराने ख़ानदानी कंबल को बाज़़ार में बेचने उतरे. क़ीमत मिली उन्हें आठ करोड़ रुपए.

एक ही पल में घर में रखा कम्बल लॉरेन थॉमेस को करोडपति बना चुका था. उन्हें इस बात का एहसास भी नहीं हो रहा था की अचानक से उनकी जंग पड़ी किस्मत के ताले कैसे खुल गए और वो करोडपति कैसे बन गए.

इसे कहते हैं किस्मत. चलती है तो दुनिया जीत लेती है और जब साथ छोड़ती है तो सबकुछ छीन लेती है.

 

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