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‘बधाई हो’ फिल्म पर लगा ये बड़ा आरोप !

बधाई हो

बधाई हो – इस दशहरे पर रिलीज़ हुई कॉमेडी और इमोशन से लबरेज़ फिल्म बधाई हो दर्शकों को बहुत पसंद आ रही है।

फिल्म में आयुष्मान खुराना, सान्या मल्होत्रा, गजराज राव, नीना गुप्ता, शीबा चड्ढा, सुरेखा सिकरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म का निर्माण विनीत जैन, आलिया सेन, हेमंत भंडारी ने किया है  और अमित रवीन्द्र नाथ शर्मा ने डायरेक्ट किया है।

फिल्म की कहानी लीक से हटकर है और बहुत ही दिलचस्प है।

इस फिल्म में एक बहुत ही खास और संवेदनशील मुद्दे को मज़ेदार तरीके से दिखाया गया है। फिल्म के ट्रेलर ने रिलीज़ होते ही तहलका मचा दिया था। मेरी तरह आप में से भी कईं लोग ऐसे होंगे जिन्होने ट्रेलर देखते ही ये तय कर लिया होगा कि उन्हे फिल्म देखनी है और काफी लोगों ने देख भी ली होगी और इसमें कोई दोराय नहीं है कि जिन भी लोगों ने फिल्म देख ली है उन्हे फिल्म पसंद ज़रूर आई होगी।

फिल्म के बारे में सबसे खास बात ये है कि इसमें एक भी ऐसा मूमेंट नहीं है जहां आप डल महसूस करेंगे।

बधाई हो

फिल्म में कोई भी कमज़ोर कड़ी आप बमुश्किल ही ढूंढ पाएंगे। इस मूवी का गीत-संगीत, डायलॉग्स और स्क्रीन प्ले सब बहुत खास है। फिल्म की ओपनिंग भी बहुत अच्छी रही और अभी तक ये टिकट खिड़की पर कमाल दिखा रही है। फिल्म पूरी तरह से दर्शकों को बांधकर रखने वाली है। इसलिए फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई कर रही है और क्रिटिक्स भी फिल्म की सराहना कर रहे हैं। इस बात से फिल्म के मेकर्स और स्टारकास्ट बहुत खुश है लेकिन अब फिल्म के मेकर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई है जो फिल्म की पूरी टीम के लिए परेशान करने वाली बन सकती है। ऑडियेन्स को ज़बरदस्त एंटरटेन कर रही ये फिल्म अब कानूनी पचड़े में फंस गई है।

बधाई हो

दरअसल, छत्तीसगढ़ के लेखक और पत्रकार पारितोष चक्रवर्ती ने फिल्म बधाई हो के निर्माता, निर्देशक और लेखक पर आरोप लगाया है कि इस फिल्म को उनकी कहानी चुराकर बनाया गया है। और इसलिए फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और राइटर ने खिलाफ उन्होने एफआईआर दर्ज करा दी है।

पारितोष का कहना है कि कईं साल पहले प्रकाशित उनके कहानी संग्रह ‘घर बुनते हुए’ में शामिल ‘जड़’ नामक कहानी को लेकर फिल्म बधाई हो को बनाया गया है। उन्होने कहा कि उनकी कहानी को बिना उनकी इजाज़त के फिल्म में शामिल किया गया है और ये फिल्म की कहानी हुबहू उनकी लिखी हुई कहानी है। 1998 में एक मैग्जीन में उनकी इस कहानी का अनुवाद छपा था, पारितोष के मुताबिक, मेकर्स ने वही से कहानी चुराई है।

बधाई हो

जहां एक तरफ फिल्म दर्शकों के दिल को भा रही है और इससे पूरी टीम उत्साहित है वहीं दूसरी तरफ ये बात मेकर्स को परेशान कर सकती है। पारितोष की शिकायत पर जांच चल रही है हालांकि अभी कुछ भी सामने नहीं आया है ना ही इस बात पर अभी तक फिल्म के मेकर्स की ओर से कोई रिएक्शन आया है।

ऐसे में क्या सच है और क्या महज़ आरोप, ये अभी कहा नहीं जा सकता।

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