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अमेरिका ने दिए दोस्ती का सबूत, मुंबई हमले के गुनहगारों पर रखा 35 करोड़ का इनाम

मुंबई हमले

मुंबई हमले – दस साल पहले आज ही के दिन पूरी मुंबई दहशत से कांप गई थी, जब अजमल कसाब और लश्कर ए तैयबा के आतंकियों ने पूरी मायानगरी पर आतंकी हमले करके शहर की आवोहवा में खौफ भर दिया था. उस हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी.

आज उस खतरनाक हमले को 10 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन शहरवासियों के दिल में आज भी उस हमले के जख्म ताजा है.

इस हमले में 6 अमेरिकी भी मारे गए थे.

आज मुंबई हमले की 10वीं बरसी पर ट्रंप प्रशासन की तरफ से हमले की साजिश रचने वालों की जानकारी देने वाले को 35 करोड़ के इनाम की घोषणा की गई है. आतंकी गतिविधियों को लेकर अमेरिका काफी सख्त हो चुका है और इसी वजह से पाकिस्तान से उसकी दोस्ती भी टूट गई है.

अमेरिका के रिवार्ड फॉर जस्टिस डिपार्टमेंट (RFJ) ने सोमवार को इस इनाम की घोषणा की कि ऐसी सूचना जिससे मुंबई हमले से संबंधित जानकारी, इससे जुड़े साजिशकर्ता की पहचान, गिरफ्तारी या सजा मिल सके, देने वाले को 50 लाख डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा. घोषणा में कहा गया कि 26 से लेकर 29 नवंबर तक लश्कर के 10 आतंकियों ने योजनाबद्ध तरीके से मुंबई में कई जगह हमले किए. विभाग की तरफ से कहा गया कि अमेरिका अपने इंटरनेशनल पार्टनर्स के साथ दोषियों की पहचान करे और उन्हें सजा दिलाने के लिए काम कर रहा है. RFJ की तरफ से तीसरी बार इनाम की घोषणा की गई है. इससे पहले 2012 में लश्कर के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद, हाफिज अब्दुल रहमान मक्की समेत लश्कर-ए-तैयबा के दूसरे नेताओं की सूचना देने वालों को इनाम देने की घोषणा की गई थी.

2001 में अमेरिका में लश्कर ए तैयबा को विदेशी आतंकी संगठन माना था. मई 2005 में संयुक्त राष्ट्र ने लश्कर-ए-तैयबा को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल किया था. RFJ ने अपने बयान में कहा है कि मुंबई हमले से जुड़ी जानकारी वेबसाइट, ईमेल ([email protected]), फोन (800-877-3927 नॉथ अमेरिका) के द्वारा दी जा सकती है.

मुंबई हमले – आतंक के प्रति अमेरिका के सख्त रुख से भारत को फायदा हुआ है, क्योंकि अब वैश्विक रूप से आंतकवाद को खत्म करने में अमेरिका और भारत साथ हैं.

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