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कौन हैं भारतीय इंजीनियर रोहित प्रसाद जिन्होंने बनाया है एमेजॉन एलेक्सा?

एमेजॉन एलेक्सा

एमेजॉन एलेक्सा – आजकल हर चीज स्मार्ट हो गई है। एक उंगुली से पूरा मोबाइल काम कर जाता है।

लेकिन धीरे-धीरे चीजें और अधिक डेवलप हो रही है। अब स्मार्ट चीजें उंगुलियों के बजाय आवाज से काम करने लगी है। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। एमेजॉन एलेक्सा नाम तो सुना ही होगा। नहीं।

तो फिर यह बताइए कि Amazon के स्मार्ट स्पीकर Amazon Echo के बारे में सुना है कि नहीं, या पढ़ी है या नहीं। बिल्कुल सुना होगा और पढ़ा होगा। यह एक तरह का वायरलेस स्पीकर है जो इंसान की आावाज पर काम करता है।

किसी को फोन लगाना हो, मनचाहा गाना सुनना हो या फिर क्रिकेट स्कोर पता करना हो। केवल आपको एक आवाज देने की जरूरत है। आपके एक आवाज के बाद यह स्मार्ट लायरलेस स्पीकर आपके लिए सब काम करेगा। यह सब ऐमजॉन के वर्चुअल असिस्टेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐमजॉन एलेक्सा के कारण होता है।

लेकिन क्या आपको पता है कि इसके पीछे भी एक भारतीय का दिमाग है। मतलब कि इसे बनाने के पीछे एक भारतीय का दिमाग है। इस भारतीय दिमाग के बारे में ही आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे। लेकिन उससे पहले थोड़ी सी जानकारी इस स्मार्ट स्पीकर के बारे में जो आजकल लोगों की चर्चा का कारण बना हुआ है।

एमेजॉन एलेक्सा

यह एक स्मार्ट वायरलेस स्पीकर है। यह एक तरह का अमेजन का असिस्टेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। यह भी इंटरनेट के द्वारा चलता है और आपके एक कमांड पर आपकी आवाज को रिकॉर्ड भी कर सकता है और दूसरे को मैसेज भी भेज सकता है। वहीं जब आपको इसका इस्तेमाल नहीं करना हो तो आप नेट कनेक्शन ऑफ कर इसे डिएक्टिवेट कर सकते हैं। यह एमेजॉन की वेबसाइट पर बिकनी शुरू भी हो चुकी है।
सबसे अच्छी बात है कि जब भी आप इससे यह पूछेंगे की इसे बनाया किसने है तो यह एमेजॉन का नाम लेगा। लेकिन ये कभी यह नहीं बताएगा कि इसे बनाने के पीछे एक भारतीय दिमाग है। जी हां, इसे बनाया है भारत के इंजिनियर रोहित प्रसाद ने।

भारतीय इंजीनियर रोहित प्रसाद

इस स्पीकर को बनाने के पीछे झारखंड के रांची के रहने वाले इंजिनियर रोहित प्रसाद का दिमाग है। रेहित प्रसाद ने अपनी पढ़ाई DAV हाई स्कूल से की है। इंजिनियरिंग करने के लिए इनके पास IIT रुड़की और बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (BIT), मेसरा का विकल्प था। अगर कोई और स्टूडेंट होता तो वह IIT रुड़की से पढ़ाई करता लेकिन प्रसाद ने BIT को चुना। ऐसा उन्होंने इसलिए किया क्योंकि वह घर के पास रहना चाहते थे। साल 1997 में उन्होंने अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशन इंजिनियरिंग पूरी की। रोहित का परिवार अभी भी रांची में रहता है और वह मिलने के लिए हर साल, डेढ़ साल में एक बार आते रहते हैं।

एमेजॉन एलेक्सा

इसके बाद अमेरिका गए

इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशन इंजिनियरिंग पूरी करने के बाद रोहित प्रसाद इलेक्ट्रॉनिक इंजिनियरिंग में पढ़ाई करने के लिए अमेरिका के इलिनॉइस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में चले गए। यहां उन्होंने वायरलेस ऐप्लिकेशन्स के लिए लो बिट रेट स्पीच कोडिंग पर रिसर्च की। पहली बार की पढ़ाई में उन्होंने आवाज की दुनिया काफी इंटरेस्टिंग लगी। फिर इसके बाद इन्होंने आवाज पहचानने की टेक्नॉलजी में रुचि बढ़ी। जिसके बाद वह इस पर रिसर्च करते और इस पर लिखते भी रहे। जिसके बाद वे Amazon Alexa से जुड़े और इन्होंने एमेजॉन के लिए असिस्टेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रुप में स्मार्ट स्पीकर बनाया। Amazon Alexa पर काम के लिए Recode नाम की वेबसाइट ने रोहित को उनके साथी टोनी रेड (जो कि कंज्यूमर एक्स्पीरियंस पर काम करते हैं) 2017 के टेक, बिजनेस और मीडिया के टॉप 100 लोगों में 15 वें नंबर पर रखा।

इनसे आगे जेफ बेजॉस, मार्क जकरबर्ग, सत्या नाडेला, टिम कुक और सुंदर पिचई जैसे लोग इस लिस्ट में थे।

रेकॉडे का कहना था कि प्रसाद और रेड ने अलेक्सा को एक बड़ा नाम बनाया। 14 साल तक रोहित डिफेंस कंपनी Raytheon की अनुसंधान और विकास शाखा (R&D) BBN टेक्नॉलजी में रहे। गौरतलब है कि, BBN कंपनी आवाज पहचानने, नैचुरल लैंग्वेज अंडरस्टैंडिंग और मशीन लर्निंग इन जनरल की मुख्य R&D साइट है।

प्रसाद यहां पर बिजनस यूनिट के डेप्युटी मैनेजर पद पर रहे। यहां पर उन्होंने कई रिसर्चर्स की टीम, डिवेलपर्स और प्रोग्राम मैनजर्स की टीम को लीड किया। इसके बाद वह साल 2013 में वह Amazon से जुड़े और इन्होंने यहां स्मार्ट स्पीकर एलेक्सा बनाया। इनके इस टैलेंट को देखते हुए 2017 में बिजनेस के टॉप 100 मोस्ट क्रिएटिव लोगों में 9वां स्थान दिया। साथ ही इनके दोस्त टोनी को 10वें नंबर पर रखा।

तो ये है एमेजॉन एलेक्सा, भारतीय दिमाग, जिसका लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है।

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