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विदेश जाकर भी नशे की लत नहीं छोड़ रहे पंजाबी

नशे की लत

नशे की लत – किसी भी चीज की लत बहुत बुरी होती है फिर चाहे वो शराब जैसे नशीले पदार्थ की लत हो या किसी और चीज की ।

नशे की लत शरीर को अदंर से खोखला बनाती हैं. आज के आधुनिक युग ज्यादातर लोग नशे का सेवन तनाव, डिप्रेशन, चिंता  से मुक्त होने के लिए करते हैं । लेकिन नशा किसी समस्या का हल नहीं होता । नशे से न केवल शरीर को हानि पहुंचती हैं । बल्कि ये हमारे मान सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है। क्यों कि नशे की हालत में व्यक्ति को ये तक याद नहीं रहता कि वो कहां पर है और किस के साथ हैं ।

भारत में भी युवा पीढ़ी नशे का शिकार हो रही हैं ।

नशे की लत

भारत में  पंजाब राज्य में सबसे ज्यादा नशा करने वाले युवा हैं ।

जिस वजह से सरकार ने रा्ज्य को नशे से मुक्त करने के लिए नशा मुक्ति केंद्र भी बनाए हैं । लेकिन अभी तक पूरी तरह नशे से मुक्ति नहीं हो पाया हैं । लेकिन सबसे बड़ी समस्या ये हैं कि काम की तलाश में विदेश जाने वाले पंजाबी युवा वहां भी इस नशे की लत से पीछा नहीं छुड़वा पा रहें । और विदेशी सड़कों पर और गलियों में इधर उधर पड़े नजर आते हैं । जो कि किसी देश के लिए बहुत शर्मनाक बात हैं । क्योंकि ऐसी हालत में मिले युवाओं का सबसे पहले मूल देश ही देखा जाता हैं । 

नशे की लत

पंजाब की गैर सरकारी संस्था डॉन आरआर ने हाल ही में अपनी एक रिसर्च रिपोर्ट के जरिए खुलासा किया कि फ्रांस में रह रहें पंजाब 250 से ज्यादा पंजाबी लड़के नशे के लत में ऐसे फँसे हुए हैं कि आए दिन फ्रांस की सड़को और गलियों में इधर उधर पड़े नजर आते हैं । गैर सरकारी संस्था अध्यक्ष इकबाल सिंह के अनुसार फ्रांस में रहने वाले नशेड़ी युवकों के पास कोई भी पहचान के प्रमाण पत्र नहीं हैं । ये युवक नशे की हालत में आए दिन दुर्घटनओं का शिकार होते हैं ।  संस्था के मुताबिक 2003 के लेकर अब तक 117 पंजाबी युवकों के शव संस्था भारत ला चुकी हैं । हाल ही में भी फ्रांस में पंजाब के चार युवकों की नशे की हालात में एक्सीडेंट से मौत हो गई । जिसमें से गुरमुख नाम का ल़ड़का होशियारपुर का रहने वाला हैं , वही बजरोर के रहने वाले परमजीत सिंह , कपूरथला के हरजिंदर सिंह जिंदा और वीरेंद्र कुमार की पहचान नवांशहर के रुप में हुई हैं ।  

संस्था के मुताबिक इनमें से ज्यादातर युवा वो है जो ट्रेवल एजेंट की बातों में आकर  गैर कानूनी तरीके से विदेश जाते हैं और वहां काम न मिलने के कारण तनाव, डिप्रेशन में आकर नशे की लत का शिकार हो जाते हैं । डॉन आरआर संस्था केंद्र सरकार से मांग कर रहा है कि वो परदेश में स्थित दूतावास के अधिकारियों से संपर्क कर फ्रांस में फंसे नशे के आदि ऐसे युवाओं की पहचान करे इन को पंजाब वापस लाने में मदद करें । ताकि इनके परिवारों से इनकी दोबारा मुलाकात हो सकें ।

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