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जानिए क्यों एकाएक अहम हो गई योगी आदित्यनाथ और सुब्रमण्यम स्वामी की मुलाकात

योगी आदित्यनाथ और सुब्रमण्यम स्वामी

योगी आदित्यनाथ और सुब्रमण्यम स्वामी की मुलाकात – भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है.

लोगों की दिलचस्पी इसको लेकर है कि हिंदुत्व के प्रबल समर्थक योगी आदित्यनाथ और सुब्रमण्यम स्वामी की मुलाकात के पीछे असल कारण क्या हैं जो स्वामी योगी से मिलने के लिए दिल्ली से चलकर लखनऊ आ रहे हैं. क्या इन दोनों नेताओं की मुलाकात के पीछे राम मंदिर निमार्ण मुद्दा है या कोई ओर कारण है. बता दें कि हाल में राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से कोई हल निकालने के लिए कहा था.

वहीं दूसरी ओर यूपी मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ से राम मंदिर को लेकर लोगों की बहुत अपेक्षाए हैं. दूसरे गोरक्षा पीठ के महंत होने के कारण उनका संत समाज में भी अच्छा दखल है. जिस कारण वो राम मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

क्योंकि स्वामी ये बात अच्छी तरह से जानते हैं कि भाजपा के अंदर इस वक्त योगी ही एक ऐसे व्यक्ति हैं जो राम मंदिर निर्माण को लेकर राजनैतिक रूप से नहीं बल्कि धार्मिक रूप से प्रतिबद्ध है.

जानकारों की माने तो राम मंदिर निर्माण में राज्य सरकार की अहम भूमिका होगी, क्योंकि पहले जब राम लला का ताला खुला था उस वक्त भी ताला खुलवाने में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. लिहाजा यदि राम मंदिर को लेकर आउट आफ कोर्ट कोई सेटलमेंट नहीं होता है तो उस स्थिति में राज्य सरकार की राम मंदिर निर्माण में क्या भूमिका हो सकती है, इस मुद्दे पर विचार करने के लिए भी योगी आदित्यनाथ और सुब्रमण्यम स्वामी की मुलाकात हो रही है.

जानकारों का यह भी मानना है कि स्वामी के पास कोई न कोई ऐसा कानूनी सूत्र है, जो मंदिर निर्माण में अहम रोल निभा सकता है. जिसकी चर्चा स्वामी योगी से करना चाह रहे हैं.

गौरतलब है कि दोनों नेता हिंदुत्व के कट्टर समर्थक हैं और राम मंदिर निर्माण को लेकर हर जोखिम उठाने का मादा भी रखते हैं.

योगी से मुलाकात के बारे में स्वामी ने कहा है कि हम दोनों हिंदुत्व में साझीदार हैं. जब वो दिल्ली थे, तो उनके पास समय का बेहद अभाव था. इसलिए उन्होंने स्वामी से लखनऊ आकर मिलने का आग्रह किया था.

यही नहीं स्वामी ने यह भी कहा कि इस बैठक में हमारे बीच राम मंदिर पर निश्चित रूप से चर्चा होगी. जानकारों की माने तों स्वामी के पास राम मंदिर निर्माण का जो रोड मैप है उसकों संघ प्रमुख पिछले साल ही रही झंडी दे चुका है.

ऐसे में योगी आदित्यनाथ और सुब्रमण्यम स्वामी की मुलाकत के मायने काफी बढ़ जाते हैं.

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