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हिंदू धर्म में पति की मौत के बाद आखिर विधवा क्यों पहनती है सफेद कपड़े !

विधवा

हिंदू धर्म के अनुसार अगर किसी स्त्री के पति की मौत हो जाती है तो उसे विधवा कहा जाता है और वो आजीवन सफेद कपड़े पहनती है.

शास्त्रों के मुताबिक पति की मौत के नौवें दिन पत्नी को दुनिया के सभी रंगों का त्याग करके सफेद रंग के कपड़े पहनने होते हैं. इसके अलावा वो किसी भी तरह के आभूषण नहीं पहन सकती है और ना ही कोई श्रृंगार कर सकती है.

पति के मौत के कुछ सालों बाद तक सिर्फ सफेद कपड़े ही पहनने होते हैं तब जाकर उसे बेहद हल्के रंग के कपड़े पहनने की इजाजत दी जाती है.

हालांकि शास्त्रों में भी विधवा स्त्री को दूसरी शादी करने का अधिकार दिया गया है. पति की मौत के बाद अगर स्त्री चाहे तो किसी और पुरुष से शादी करके अपनी जिंदगी की नई शुरूआत कर सकती है. लेकिन जो दोबारा शादी नहीं करना चाहती हैं वो अक्सर सफेद कपड़े ही पहनती है.

आखिर एक विधवा महिला सफेद कपड़े ही क्यों पहनती है. इसके पीछे आखिर कौन सी मान्यता छुपी हुई है आइए हम आपको बताते हैं.

इन वजहों से विधवा पहनती है सफेद कपड़े

1 – किसी भी रंग के लिए नहीं होती है जगह

जब किसी महिला के पति की मौत हो जाती है तो यह उसके लिए सबसे बड़ी दुखदायी घटना होती है. पति का महिला की जिंदगी से हमेशा के लिए चले जाने का मतलब है कि अब उसके जीवन में कोई रंग नहीं रहा.

सफेद रंग वो होता है जिसमें बाकी रंगों की मौजूदगी बिल्कुल भी नहीं होती है. विधवा महिला के तन पर सफेद रंग यह दर्शाता है कि अब उसके जीवन में किसी भी रंग के लिए जगह नहीं है.

2 – विधवा के प्रति संवेदना की भावना

पति की मौत के बाद सफेद साड़ी पहनने से महिला की एक अलग पहचान बन जाती है. विधवा स्त्री के तन पर सफेद रंग देखकर लोग उसके प्रति संवेदना का भाव रखते हैं और इस मनोवैज्ञानिक प्रभाव के चलते वह सामाजिक सुरक्षा के दायरे में रहती है.

3 – सफेद रंग देता है आत्मविश्वास

पति की मौत के बाद जब एक विधवा सफेद रंग के कपड़े पहनती है तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि सफेद रंग उस महिला को आत्मविश्वास और शक्ति देता है.

इसी आत्मविश्वास के बल पर वह कठिन से कठिन समय को पार कर लेती है. इसके साथ ही यह रंग मन को शांत और सा‍त्विक बनाने में मदद करता है.

4 – इधर-उधर नहीं भटकता है ध्यान

पति की मौत के बाद विधवा स्त्री का ध्यान इधर उधर ना भटके इसलिए उसे सफेद कपड़े पहनने के लिए कहा जाता है. क्योंकि रंगीन कपड़े इंसान को भौतिक सुखों के बारे में बताते हैं ऐसे में पति के ना होने पर महिला का ध्यान उन सुखों की तरफ ना जाए इसलिए वो सफेद कपड़े पहनती हैं.

5 – सांसारिक मोह-माया से होती हैं दूर

शास्त्रों के मुताबिक पति को परमेश्वर का दर्जा दिया गया है. ऐसे में अगर किसी स्त्री के परमेश्वर का जीवन खत्म हो जाए तो सफेद वस्त्र उसे संसार की मोह-माया से दूर रखने में मदद करता है और उसके मन को भगवान की भक्ति में लगाता है.

गौरतलब है कि इन सभी कारणों की वजह से हिंदू धर्म में विधवा महिलाओं को सफेद रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है.

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