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आख़िर क्यों लड़कियों को ही रिसेप्शनिस्ट रखा जाता है ?

रिसेप्शनिस्ट

किसी भी ऑफिस में जाने के बाद सामने अगर सुंदर-सी रिसेप्शनिस्ट दिख जाती है तो बिना पूछे भी आप उससे बहुत कुछ जानना चाहते हैं.

उसी के जगह पर अगर कोई लड़का बैठा हो, तो आपका दिमाग़ ख़राब हो जाता है. वैसे ये एक साइकोलॉजिकल प्रेशर है, जिसे सारे ऑफिस वाले फॉलो करते हैं. इसके पीछे और भी कई कराण हैं.

चलिए हम आपको बताते हैं कि आख़िर क्यों लोग लड़कियों को ही रिसेप्शनिस्ट रखते हैं.

रिसेप्शनिस्ट

1 – ख़ुशनुमा माहौल

लड़कियों को रिसेप्शनिस्ट रखने से ऑफिस का माहौल ख़ुशनुमा रहता है. भले ही लड़की बहुत सुंदर न हो, लेकिन अगर वो उस कुर्सी पर बैठी है, तो विज़िटर्स की लिस्ट लंबी हो जाती है.

2 – काम ज़्यादा

ये तो आप भी जानते होंगे कि लड़कियां काम बहुत ज़्यादा करती हैं. वो लड़कों की तरह हवा में डींगे नहीं मारती. अपने काम से काम रखती हैं. जितना उन्हें काम दिया जाता है, वो उसे पूरा कर लेती हैं.

3 – प्रॉपर रिसपॉन्स

आपने ख़ुद भी ऐसा फील किया होगा कि लड़कों से ज़्यादा लड़कियां अच्छी तरह से काम को समझाती हैं. आप उनसे कुछ भी पूछें, वो विस्तार से आपको बताती हैं, जबकि लड़के शॉर्ट में समझाने में लगे रहते हैं. उन्हें लगता है कि कितने जल्दी आपके सवाल ख़त्म हों.

4 – आकर्षण का केंद्र

लड़कियों को आकर्षण का केंद्र माना जाता है. कुछ ऑफिस में तो एक के बदले कई रिसेप्शनिस्ट रखी जाती हैं. लोगों को लगता है कि सुंदर और अट्रैक्टिव लड़कियां ऑफिस के एंट्रेस को अट्रैक्टिव बनाती हैं.

5 – ज्यादा बिज़नेस

कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि लड़कों की तुलना में लड़कियां बिज़नेस ज़्यादा लाती हैं. वो एक बार किसी क्लाइंट को मुस्कुराकर जवाब दे दें, तो क्लाइंट उन्हें इनकार नहीं करता और इस तरह से कंपनी को फ़ायदा होता है.

करियर की दृष्टि से रिसेप्शनिस्ट का काम बहुत ही महत्वपूर्ण है. कम पढ़ाई-लिखाई करने के बाद भी आप ये काम कर सकती हैं और बेहतर पैसा कमा सकती हैं.

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