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क्या आप जीवन से निराश या दुखी हैं? ये 5 सूत्र जो आपके नकारात्मक जीवन को सकारात्मक बना देंगी

सुख क्या है

आज बहुत ही कम लोग ऐसे हैं जो अपने जीवन से खुश हैं.

अधिकतर लोगों को तो सिर्फ और सिर्फ अपने जीवन से शिकायत ही है. कोई नौकरी से दुखी है तो कोई घर से निराश है. किसी के पास बहुत पैसा है तो उसको लेकर परेशान है तो किसी के पास पैसा ही नहीं है. कुल मिलाकर आप खुद अपने अन्दर झांककर देखो, आपको समस्या ही समस्या नजर आएगी.

तो आखिर इस नकारात्मक जीवन को कैसे सकारात्मक जीवन बनाया जाए?

आज हम आपके पास ऐसे ही 5 सूत्र लाये जो आपके जीवन को नई ऊर्जा भरेंगे, नई दिशा प्रदान करेंगे और बताएँगे कि सुख क्या है.

तो आइये पढ़ते हैं कि कैसे आप अपनी ज़िन्दगी में रंग भर सकते हैं-

1.  आप तय करें कि आपको खुश रहना है

आप निराश हैं क्योकि आपको निराशा ही पसंद आती है. अगर आप खुश रहने का तय कर लें तो किसी में भी इतना दम नहीं है कि आपको निराश कर दे. ज़िन्दगी में बड़े-बड़े दुःख आने है. यहाँ जो आया है वह जायेगा भी. सब सत्य है तो सत्य से निराश कैसा होना और खुश रहने के लिये जरूरी नहीं है कि आपके पास काफी धन हो. खुश रहने के लिए दो वक्त की रोटी और एक कैसा भी घर चाहिए.

2.  इच्छाओं को कम से कम रखें

यदि आपने अपनी इच्छाओं को ही सीमित कर लिया है तो आप सबसे ज्यादा अमीर हैं. इच्छाओं के कारण ही तो व्यक्ति गरीब होता है. मुझे गाड़ी चाहिए, नया घर चाहिए, बहुत पैसा चाहिए. मतलब जो है उसका आंनद नहीं लेना और जो नहीं है उसके लिए तड़पना. आप अपनी इच्छाओं को सीमित कीजिये और फिर देखिये.

3.  आसपास की हर चीज को थैंक्स बोलें

आप आपने आसपास की हर चीज से परेशान रहते हैं. लेकिन अब एक काम कीजिये कि आप आसपास की हर चीज को थैंक्स बोलें. सूरज उगा, इतनी प्यारी सुबह आई तो उनको थैंक्स. फूल खिल रहे हैं उनको थैंक्स. सुबह उठते ही अपने बिस्तर को थैंक्स बोलें. इस तरह से आप खुद के अन्दर सकारात्मक ऊर्जा ला सकते हैं.

4.  थोड़ी ही सही लेकिन दूसरों की मदद करें

आप निराश हो क्योकि आपके चारों ओर निराशा है. अब आप एक काम कीजिये कि आप जरुरतमन्द लोगों की मदद करना शुरू कीजिये. आपके पास दो रोटी हैं तो एक रोटी भूखे को दें. कुछ भी नहीं तो पंछियों को आधी रोटी दें और उनको रोटी खाते हुए देखें. अगर आप दूसरों की मदद करते हैं इससे सकारात्मक ऊर्जा आपके चारों ओर बनने लगेगी और आप प्रसन्न रहने लगेंगे.

5.  जो माता-पिता की सेवा नहीं करता, वह सबसे ज्यादा दुखी है

जी हाँ, यह बात सत्य है कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता की सेवा नहीं करता है वह जीवनभर दुखी रहता है. माता-पिता की सेवा करने का जो सुख है वह व्यक्ति को धनवान बनाता है. आप आज से तय कर लें कि माता-पिता की सेवा करनी है तो फिर देखिये कि आपके बड़े से बड़े दुःख कैसे पल में ख़त्म हो जाते हैं.

तो इन 5 बातों पर अमल करने के लिए आपको कोई पैसा खर्च नहीं करना है. यह छोटे से बदलाव हैं जो आपको अपने जीवन में लाने हैं और तब आप खुद महसूस करेंगे कि आपकी निराशा तो आपसे दूर हो चुकी है और आप जानेगे कि सुख क्या है.

हम दुखी है क्योकि हम दुखी रहना चाहते हैं वरना दुनिया की कोई ताकत हमको दुखी नहीं कर सकती है.

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